राजगढ़। राजेंद्रसूरी साख सहकारी संस्था की वर्तमान संचालक कांता अशोक भंडारी ने आयुक्त व एसडीएम सरदारपुर सत्य नारायण दरों को लिखे पत्र में बताया कि मैंने 26 जून 2018 को अपना त्याग पत्र संचालक पद से संस्था के प्रमुख को दे दिया था। किंतु उसके बावजूद भी जबरन इस धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे संचालक के पद पर मात्र तीन महीने ही रह पाई है। श्रीमती भंडारी के पति अशोक भंडारी ने भी बताया कि तीन महीने के भीतर मेरी पत्नी कितनी बार बैठक में भाग लेकर हस्ताक्षर किए इसकी हमने डीआर से जानकारी मांगी लेकिन उन्होंने अब तक जानकारी नहीं दी है। श्री भंडारी ने कहा कि बेवजह हम पर भयंकर दबाव बनाया जा रहा है। मैंने डीआर, एसडीएम, एसडीओपी, एसपी को पत्र लिखकर जांच की मांग की है किंतु इनके द्वारा अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। श्री भंडारी ने कहा कि संस्था के पूर्व संचालको ने वर्ष 2012 से 2017 तक बिना दस्तावेजों के बेहिसाब के लोन दिए गए हैं और इन्हीं वर्षों में पूर्व संचालक मंडल ने हेराफेरी की है नवीन निर्वाचन मार्च 2018 के बाद किसी को भी नवीन ऋण नहीं दिया गया है ना कोई संचालक मंडल की बैठक आयोजित की गई है। श्री भंडारी ने यह भी कहा कि निवार्चन फार्म पर मेरी पत्नी के हस्ताक्षर नहीं है तथा जिन प्रस्तावक और समर्थक ने मेरी पत्नी के निर्चाचन फार्म पर हस्ताक्षर किये है उसकी उच्च स्तरीय जांच कर मेरी पत्नी के साथ न्याय किया जाये।

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