राजगढ़। सरदारपुर रोड़ स्थित निर्मला कॉन्वेंट  स्कूल में अखिल भारतिय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं एवं स्कूल स्टाॅफ के बिच आज सुबह तीखी बहस हो गई। बहस इस बात को लेकर हुई स्कूल में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का प्रतिदिन गायन नही होता है। मामले में अभाविप ने एक प्रेस नोट जारी कर इसे दूर्भाग्य पूर्ण बताया तो वही स्कूल की प्राचार्य ने अभाविप के इन आरोपों का खारिज कर दिया। वही दूसरी और अधिकारी इसे जांच का विषय बता रहें है। आपको बता दे कि इस बहस का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें अभाविप कार्यकर्ता एवं स्कूल स्टाॅफ के बिच इस बात को लेकर तीखी बहस हो रही है। इसी वीडियो में स्कूल का एक शिक्षक अभाविप कार्यकर्ताओं से यह कहते हुए सुनाई दिया कि ‘‘आप होते कौन हों इस तरह की बात करने वाले’’। अभाविप ने कहा की उन्हें पता चला था कि स्कूल में राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का आयोजन नही होता है और इसकी पुष्टी के लिए वे प्रार्थना के समय स्कूल पहूंचे थे तो स्कूल में राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत ही नही हुआ, जिसका विरोध किया गया। इस दौरान अभाविप के विभाग संयोजक कृष्णा अजनारे, विभाग छात्रा प्रमुख सृष्टि बिल्लोरे, गौरव त्रिवेदी, रोमित शर्मा, रवि मारू, कपिल पाटीदार, प्रविण भुरिया आदि मौजूद थे।

अभाविप ने कहा - राष्ट्रगान का आयोजन न करना राष्ट्रगान का अपमान है -
सामान्यतः प्रत्येक शासकीय एवं अशासकीय स्कूल में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का आयोजन प्रतिदिन होता है। सूत्र बताते है कि निर्मला कॉन्वेंट स्कूल में केवल राष्ट्रगीत का ही आयोजन किसी एक दिन होता है। अभाविप के धार विभाग संयोजक कृष्णा अजनारे ने बताया कि देश की आजादी के 72 वर्षो के पश्चात भी देश के मिशनरी स्कूलो में राष्ट्रगान का आयोजन न कर राष्ट्रगान का अपमान किया जा रहा है देश के संविधान में मौलिक कर्तव्यो के अंतर्गत देश के प्रत्येक नागरिक, शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगान के प्रति आदर सम्मान रखना एवं राष्ट्रीय गान का शैक्षणिक संस्थानों में प्रतिदिन आयोजन करना देश के सभी नागरिको का कर्तव्य है, किन्तु मिशनरी स्कूलो में इन कर्तव्यों का पालन नही किया जा रहा है जो कि देश के राष्ट्रगान का अपमान है। अभाविप की विभाग छात्रा प्रमुख सृष्टि बिल्लोरे ने बताया की स्कूल में जब हम पहुंचे तब राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत नही हुआ था। जब हमने इसका विरोध किया तो स्कूल स्टाॅफ हमसे ही सवाल करने लगे। यदि इस प्रकार की घटना स्कूल में हो रही है तो यह देश के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी देश के मिशनरी स्कूलो में राष्ट्रगान को स्थान न देना आजादी को स्वीकार न करना है।

प्राचार्य ने कहा यह झूठ - 
निर्मला काॅन्वेंट स्कूल शहर के अंतिम छोर पर स्थित है। इसलिए स्कूल के  अंदर क्या होता है इसकी बहुत कम ही लोगो को जानकारी होती है। उक्त मामले में जब निर्मला काॅन्वेंट स्कूल की प्राचार्य सिस्टर एलोसिया से चर्चा की तो उन्होंने कहा की यह सब झूठ है। स्कूल में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का आयोजन प्रतिदिन किया जाता है।

शिकायत पर होगी मामले की जांच -
उक्त मामले में जब जिला शिक्षा अधिकारी मंगलेश व्यास से चर्चा की तो उन्होंने बताया की स्कूल में कक्षा प्रारंभ होने के पूर्व राष्ट्रगीत एवं राष्टगान होना चाहिए। इसकी शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगें।वही खण्ड शिक्षा अधिकारी एनडी पाटीदार से उक्त मामले में चर्चा करने पर उन्होंने बताया की शासन के नियमानुसार प्रत्येक शासकीय एवं अशासकीय स्कूल में राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का प्रतिदिन आयोजन किया जाना है। अगर निर्मला काॅन्वेंट स्कूल में ऐसा नही हो रहा है तो यह गलत है। इसकी शिकायत प्राप्त होगी तो मामले की जांच कि जाएगी।  

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