नई दिल्ली। निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले के चारों दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह को शुक्रवार सुबह 5:30 बजे फांसी दे दी गई। राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर 16 दिसंबर 2012 की रात अंधेरे में चलती बस में निर्भया के साथ इन चार दरिंदों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। इस घटना ने पूरे देश की अंतरात्मा को हिलाकर रख दिया था और सभी निर्भया के गुनहगारों को मौत की सजा देने की मांग उठी थी जिसके बाद शुक्रवार को उनको फांसी पर लटका दिया गया।  इस 23 वर्षीय फिजियोथेरेपी की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद छात्रा का काल्पनिक तौर पर 'निर्भया' नाम दिया गया था। निर्भया के साथ उस रात चलती बस में छह लोगों द्वारा बेहरमी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस दौरान दोषियों ने उसके साथ काफी ज्यादती भी की। दोषियों ने इस दौरान निर्भया के साथ मौजूद उसके एक दोस्त के साथ भी मारपीट की। इसके बाद उन दोनों को सड़क पर भी फेंक दिया गया। निर्भया के साथ ऐसी दरिंदगी की गई थी कि अस्पताल में इलाज के बावजूद 13 दिनों बाद उसने दम तोड़ दिया था। आख़िरकार  7 साल, 3 महीने और 4 दिन बाद निर्भया को इंसाफ मिल गया।


Post a comment

 
Top