भोपाल। शिवराज सिंह चौहान ने राज भवन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। शिवराज ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल लालजी टंडन ने शिवराज को पद एवं गोपनियता की शपथ दिलवाई। इस दौरान कई विधायक एवं भाजपा नेता मौजूद रहें।
इससे पहले भाजपा की विधायक दल की बैठक हुई। बैठक से पहले गोपाल भार्गव ने नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद विधायक दल की बैठक शुरू हुई। बैठक में शिवराज और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद थे। गोपाल भार्गव ने शिवराज के नाम का प्रस्ताव रखा। शर्मा ने उसका समर्थन किया। कुछ ही विधायक बैठक में मौजूद थे। कोरोना का संक्रमण न फैले, इसका एहतियात लेते हुए बाकी विधायकों नेवीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया। सभी विधायकों ने शिवराज के नाम पर मुहर लगाई और उन्हें अपना नया नेता चुन लिया।
शिवराज सिंह चौहान ने विधायक दल की बैठक में कहा की मेरे लिए आज बहुत भावुक पल हैं। भाजपा मेरी मां है और मैं मां के दूध की लाज रखने में कोई कसर नहीं छोड़ूंगा। जाने वाली सरकार सब तबाह करके गई है। शासन करने की शैली में भी अब परिवर्तन किया जाएगा। काम बोलेगा, हम मिलकर काम करेंगे। जनकल्याण का नया इतिहास रचेंगे। यह उत्सव का समय नहीं है। परिस्थितियां हमें इजाजत नहीं देती। कोरोना के संकट को समाप्त करना है। तत्काल हमें काम पर जुटना है। जो भावनाएं मोेदीजी ने प्रकट की है, उन भावनाओं से हमें जुड़ना है। संक्रमण की चेन को हमें तोड़ना है। कोई उत्साह, उत्सव और समारोह नहीं होगा। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मैं अपने कार्यालय जाऊंगा कोरोना से लड़ने की योजना बनाने के लिए। इस महामारी से निपटना है।

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