दसाई। गाॅव में करोडो रुपये की लागत की नल-जल योजना मात्र दिखावा बनकर रह गई । ऐसे में 12 हजार से अधिक की आबादी गर्मी शुरु होते ही जलसंकट की त्रासदी उठाने को मजबूर हो जाती है। जलसंकट को देखते हूवे 2007 में यहाॅ 98.07 लाख की लागत की जल सप्लाय परियोजना स्वीकृत हुई थी मगर 13 साल बीतने के बाद भी योजना के तहत कई कार्य अपूर्ण है जिसका खामियाजा दसाई वाले को भूगतना पड रहा है। 5 मार्च को चेतक टाइम्स डॉट कॉम ने टंकी अधूरी पडी,पानी के इतंजार में बीते 13 साल से समाचार का प्रकाशन किया था। जिस पर लोक स्वास्थ्य यात्रिकी विभाग के अधिकारी ने दसाई में  07 मार्च शुकवार को आकर योजना का निरीक्षण किया  विभाग के नवलसिह भूरिया सहायक यंत्री और विनोद महाजन उपयंत्री पीएचई सरदारपुर ने बताया कि दसाई में जन-जल योजना के तहत बंद पडे कार्य को प्रारम्भ कराने के लिये विभाग ने दसाई में शुक्रवार को अवलोकन कर लिया गया हैं ,साथ ही योजना का शीघ्र ही काम प्रारम्भ कर दिया जावेगा।

वर्तमान में दसाई में 3 इंची पाइप लाइन से पूरे गाॅव में पानी का वितरण किया जा रहा है। समस्या को देखते हूवे कुम्हारपाट से नया बाजार तक 6 इंच पाइप लाइन शीघ्र ही डाली जावेगी ताकि पानी के वितरण और प्रेशर में कमी नही आवे । योजना के तहत कुम्हारपाट, संजय कालोनी के साथ-साथ हथीवल्डा मे नल-जल योजना के तहत प्रस्ताव बनाकर विभाग के आलाअधिकारी को भेज समस्या को हल करने का प्रयास का आश्वास भी दिया गया।  वर्तमान में बनी पानी की टंकी को पंचायत के हेड ओवर कर रैलिगं का कार्य पूरा कर दिया जावेगा ।तालाब गर्मी के दिनो में खेल मैदान में बदल जाता है। ऐसे मे यहाॅ का .30 मिलियन घनमीटर पानी सूरक्षित रखना अति आवश्यक हैं जिस पर  पंचायत और कनिष्ठ यंत्री विधुत मण्डल को पानी सूरक्षित रखने के लिये पत्र दिया गया हैं ताकि पानी को सूरक्षित रख कर गर्मी के दिनो में किसी भी प्रकार की समस्या नही आवे। सरदारपुर तहसील का सबसे बडा गाॅव दसाई है। यहा कि आबादी भी 12 हजार से अधिक हैं। यहाॅ करीबन 30 साल पहले नल-जल योजन के तहत पाइप-लाइन डाली गई थी जो अब खस्ता हो चुकी है वही 800 से अधिक नल कनेक्षन भी इसी से दिये गये है। बडा गाॅवा होने से दसाई की समस्याओ देखते हूवे इस गाॅव को जल जीवन मिसन योजना से जोडकर ग्राम पेयजल समिति बनाने के लिये भी ग्राम पंचायत में प्रस्ताव लिया गया साथ ही दसाई में जलसंकट दूर करने के लिये कई प्रस्ताव पर भी पीएई के अधिकारी और पंचायत के सचिव के अलावा जनप्रतिनिधि से भी बातचीत की गई ।ताकि दसाई की जलसंकट को दूर किया जा सके।

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