नरेन्द्र पवाँर। दसाई राजगढ कृषि उपज की उपमण्डी दसाई काफी दिनो से वीरान पडी थी मगर 26 फरवरी से जैसे ही नए सीजन में खरीदी का  श्रीगणेष हूआ मण्डी प्रांगण मे चल-पहल बढ गई। मुहूर्त के दिन ही मण्डी में 2500 बोरी गेंहू की आवक रही थी। जैसे-जैसे किसानो को पता चलता जा रहा है, मण्डी में प्रतिदिन आवक में लगातार बढोतरी होती जा रही है। सोमवार के दिन तो उपमण्डी में 5000 बोरी की आवक के साथ पूरा प्रांगण वाहनो से भरा गया। उपमण्डी में रविवार की शाम से ही आवक का क्रम जारी हो गया था। उपमण्डी में आवक को देखकर ऐसा लग रहा था मानो कोई बडी मण्डी है। वाहनो की लम्बी कतार से मेले जैसा माहौल बन गया वही गेहूं 2071 रुपये के भाव तक बिका। वर्तमान में आवक को देखकर लगता है कि आने वाले दिनो में आवक के सारे रिकार्ड उपमण्डी तोड देगी।
नगद भुगतान में आ रही है दिक्क्त - व्यापारी सुरेश नाहर एवं  जयप्रकाश जायसवाल ने बताया की मण्डी प्रारम्भ होने से आवक भी बढ गई है मगर शासन के नियमानुसार किसानो का भूगतान नगदी में करना है। लेकिन एक मात्र बैक होने से यहाॅ केष की दिक्कत हमेशा बनी रहती है। शासन को इस ओर ध्यान देकर बैक में केश की व्यवस्था को सुधारना चाहिये ताकि खरीदी में किसी भी प्रकार की परेशानी नही आवे। मण्डी निरीक्षक राजेश दूबे ने बताया की व्यापारी की पेमेन्ट की समस्या को देखते हूवे मण्डी की ओर से बैक आफॅ महाराष्ट को एक पत्र भेज दिया गया है। व्यापारी को परेशानी नही आवे ऐसा निवेदन किया गया है। वही बैक आफॅ महाराष्ट्र के शाखा प्रबधंक सूर्यकांत देवगन ने  बताया की मण्डी द्वारा केश को लेकर आवेदन प्राप्त हुआ  है। बैक द्वारा केश की आपूर्ति के लिये प्रयास किये जा रहे है। ग्रामीण शाखा हैं यहाॅ लिमिट कम होने से केश की परेशानी आती हैं आला अधिकारी से बातचित कर समस्या का समाधान कर दिया जावेगा। व्यापारी को परेशानी नही आवे ऐसा पूरा-पूरा प्रयास किया जावेगा।

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