राजेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार एवं विचारक 
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सरपट दौडती दुनिया... भविष्य के ताने-बाने बुनती दुनिया...उंचे-उंचे स्वप्नीली दुनिया को मानों एकाएक ग्रहण सा लग गया हो...जी हां ये कपोल कल्पना भरे शब्द नहीं है, अपितु एक वायरस ने मानव सृष्टि और उसके चक्र को बहुत हद तक प्रभावित कर दिया है। मानव सृष्टि और कोरोना वायरस के बीच जारी इस जंग में भारत भूमि में उठे हजारों-लाखों कर्मयोद्धाओें के हाथों ने भारत में एक नई क्रांति का शंखनाद किया है। देश भक्ति का जज्बा हो... हजारों-हजार चिकित्सकों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाॅफ की टीम अथक मेहनत भावी भारत को सुरक्षित रखने मेें प्रण और प्राण से जुटी हुई है। क्रांति की लौ प्रज्वलित करने में सेना, पुलिसकर्मी, सुरक्षाकर्मी...प्रशासन का हर वो अधिकारी, कर्मचारी, देश की धरा को स्वच्छ और संक्रमणरहित रखने में लगे हुए सफाईकर्मी, हिन्दुस्तान के सेवाभावी समाजसेवी, दानी, कर्मयोद्धा और कोरोना वाॅरियर, अर्थात हर एक भारतवासी अपनी त्याग, तपस्या और समर्पण से मिलकर विपदा और संकट की इस घडी में एकाकार होकर भारत भूमि से एक नई क्रांति का शंखनाद कर रहे है। ये लडाई अस्त्र-शस्त्र से न होकर माटी के प्रति अनुराग, मानव मात्र के प्रति करूणा और जीओ और जीने दो की परिकल्पना आधारित है। आज देश एक होकर खडा है... एक होकर लड रहा है...भारत की इस अनोखी लडाई को सदियों तक युगों-युगों तक याद किया जाएगा। यह भी सच है कि क्रांति के इस शंखनाद में संसाधन भले कम हो पर हौसले बडे है... मातृभूमि के प्रति लगाव, भाईचारे का भाव...सबका अस्तित्व... सबके अस्तित्व से है... ये सूत्र वाक्य कई दिनों की नींद, थकान और सुख-सुविधा पर भारी है। दुनिया के विकसित और शक्तिशाली देशों के सामने भारत की यह क्रांति आने वाले समय में एक नजीर बनेगी। देश की सरहदों से उपर उठकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बीमारी से निपटने के लिए भारत के योगदान को दुनिया के सामने रेखांकित किया। उन्होंने भारत की और से आर्थिक योगदान के साथ सार्क देशों, विश्व के बडे देशों से संवाद कर इसकी भयावहता और आपसी सहयोग पर जोर देकर वैश्विक परिदृश्य पर भारत की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता प्रकट की है।
इतिहास के पन्नों पर नजर डाले तो दुनिया कई क्रांतियों और आंदोलनों की गवाह रही है। भारत का स्वातंत्र समर हो, फ्रांस की क्रांति हो या फिर रूस की क्रांति हो या दुनिया को नए युग में प्रवेा कराने वाली औद्योगिक क्रांति हो... इन क्रांतियों ने इतिहास को बदला है। मानव सृष्टि और कोरोना वायरस के बीच जंग में भारत से उठी यह क्रांति भी भारत को दुनिया के देाों का नेतृत्वकर्ता और विश्व गुरू का दर्जा दिला सकती है। लाॅकडाउन में कुछ प्रसंगों और वाकयों को छोड दिया  जाए तो देशभर में मानवता, संवेदना, देशभक्ति का जो ज्वार उठा है सच यह एक नए तरह के भारत का उदय है।
लेखक राजेश शर्मा का परिचय
वर्तमान में संपूर्ण विश्व कोरोना वायरस से जंग लड रहा है। जंग में मानवता के कई ऐसे प्रहरी है जो जंग से मानव जाति को उबारने के लिए प्रण और प्राण से जुटे है। इस समसामयिक एवं विश्वव्यापी ज्वलंत समस्या पर तीक्ष्ण दृष्टि डालता आलेख मप्र की राजा भोज की ऐतिहासिक नगरी धार के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, विचारक राजेश शर्मा ने लिखा है। लेखक राजेश शर्मा की ख्याति राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार मप्र शासन होकर लेखक, विचारक एवं प्रशासनिक परीक्षा के एक्सपर्ट के रूप में है। आपके मार्गदर्शन में कई युवा प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। आपने पीएससी परीक्षा एवं पत्रकारिता पर कई पुस्तकों की रचना की है। आप प्रदेश शासन की इंदौर संभाग स्तरीय पत्रकार अधिमान्यता समिति के सदस्य रहे है साथ ही पत्रकारिता की सर्वोच्च डिग्री एमजे में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से टाॅपर रहे है।

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