राजेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार, विचारक धार
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वैश्विक आपदा कोरोना से जंग जीतने की लडाई में देश और दुनिया के प्रयासों के बीच छोटे-छोटे और मझोले शहर भी
उम्मीद भरी नजीर पेश कर रहे है। कोरोना से भारत के फाईट बैक में पश्चिमी मप्र का जनजातीय बाहुल्य जिला धार से मदद को उठ रहे हाथ और मानवीय संवेदनाओं ने यह आस जगाई है कि छोटे-छोटे प्रयास भी भारत से कोरोना की जंग जीतने में बडे प्रयास बनेगे। मोदी मंत्र कोरोना को हराने की जंग के 21 दिन के दूसरे दिन लाॅकडाउन को लेकर धार जिले ने अच्छा खासा समर्थन देकर मिसाल पेश की है। निर्णायक जंग के वक्त में देश एकाकार रूप में खडा है ऐसे में प्रदेश का भौगोलिक रूप से बडा जिला धार व्यापक समर्थन पेश कर केंद्र और राज्य सरकार की हौसला आफजाई ही कर रहा है। 21 दिनी जंग के दूसरे दिन इस संवाददाता ने जिले की ग्राउंड रिपोर्ट को टटोलने का प्रसास किया तो कुछ ऐसे नजारे देखने को मिले..... सरपट दौडती जिंदगी मानो जंग से लडने के लिए कर्फ्यू में तब्दील हो गई हो... गुरूवार को दूसरे दिन आमजन को यह भरोसा होने लगा है कि संकट की इस घडी को घर में रहकर ही दूर किया जा सकता है। बुधवार पहला दिन जहां हलचल भरा रहा वहीं दूसरा दिन कुछ शांत रहा। प्रशासन के लिए भी राहत और सुकुन का पैगाम है कि अब सबने यह ठाना है कि कोरोना को घर में रहकर ही हराना है। सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए अगर धारवासी दिखे तो अचरज ना करिए... ये नजारे गुरूवार की अलसुबह से धार की सडकों पर मेडिकल शॉप हो या किराने की दुकान हो... सब्जी के ठेले हो अधिकांश धारवासी सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते देखे जा रहे है।
26 मार्च रूपी गुरूवार अन्य गुरूवारों की तुलना में खामोशी भरा दिखाई दिया। जिधर देखों उधर... जहां निगाह डालों बस मंजर में खामोशी सी दिखाई दी। जंग कैसी भी हो जब तक छोटे-छोटे हाथ मदद को ना उठे तो जंग जीतना शायद दुष्कर प्रतीत होता है। ऐतिहासिक राजाभोज की नगरी के बाशिंदे इस निर्णायक लडाई में प्रण और प्राण से जुट गए है। प्राशासन की हौसला आफजाई करते डॉक्टर, नर्सिंग स्टॉफ अनेक समाजसेवी, मीडिया के साथी, स्वयंसेवी संगठन प्रतीक रूप में ही सही एक नजीर पेश कर रहे है। मदद को उठे नन्हे-नन्हें हाथों के साथ कदमताल करता धार यही संदेश दे रहा है कि हम सबने मिलकर यह ठाना है कोरोना को दूर भगाना है... केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों और समन्वय का असर यहां पर भी देखा जा रहा है। धार भारत के फलक पर एक छोटा सा शहर... छोटा सा केंद्र हो पर इन छोटे-छोटे प्रयासों से एक विश्वास भी पैदा हो रहा है कि कोरोना से जंग में भारत जीतकर दुनिया को दिखा देगा कि भारत दुनिया के शक्तिाशाली राष्ट्रों में क्यों शुमार किया जाता है।

लेखक राजेश शर्मा का परिचय - 
वर्तमान में संपूर्ण विश्व कोरोना वायरस से जंग लड रहा है। इस समसामयिक एवं विश्वव्यापी ज्वलंत समस्या पर तीक्ष्ण दृष्टि डालता आलेख धार के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, विचारक राजेश शर्मा ने लिखा है। लेखक राजेश शर्मा की ख्याति राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार मप्र शासन होकर लेखक, विचारक एवं प्राशासनिक परीक्षा के एक्सपर्ट के रूप में है। आपके मार्गदर्शन में कई युवा प्राशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। आपने पीएससी परीक्षा एवं पत्रकारिता पर कई पुस्तकों की रचना की है। आप प्रदेश शासन की इंदौर संभाग स्तरीय पत्रकार अधिमान्यता समिति के सदस्य रहे है साथ ही पत्रकारिता की सर्वोच्च डिग्री एमजे में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से टाॅपर रहे है।

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