सरदारपुर। सरदारपुर स्थित माही तट से 23 वी माही पंचक्रोशी पदयात्रा 5 फरवरी से प्रारंभ होगी जिसका 9 फरवरी को समापन होगा। इस के पूर्व कल 4 फरवरी को भव्य चुनरी यात्रा निकालकर मां माही को चुनरी ओढाई जावेगी। यह पदयात्रा क्षैत्र की सबसे बडी यात्रा होकर इस यात्रा में निमाड, मालवा, गुजरात, महाराष्ट्र सहित अंन्य प्रदेशो से बढी संख्या में भक्त आकर यात्रा में सम्मलीत होकर धर्म लाभ लेते हें। समीप ग्राम मिण्डा से माही नदी की उत्पती हुई जो गुजरात में माही सागर के नाम से प्रसिद्ध हैं। समिति अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि पांच दिवसीय पदयात्रा 5 फरवरी से प्रारंभ होगी। 4 फरवरी को पुराने इन्दौर अहमदाबाद राजमार्ग स्थित माताजी मंदिर से संध्या को चुनरी यात्रा बैंड बाजो के साथ प्रारंभ होगी। जिसमे क्षेत्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। यात्रा नगर के मार्गो से भम्रण करते हुए माही तट पहुचेगी। जहा जजमान विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा माँ माही की पुजा अर्चना कर माही मा को चुनरी ओढाइ जावेगी। रात्री में माही तट स्थित मंदिर परिसर पर भजन किर्तन के आयोजन होगे। 5 फरवरी को सुबह हवन पुजन कर झंडे की बोली के साथ पदयात्रा प्रारंभ होगी। 9 फरवरी को यात्रा का समापन होगा।

50 से अधिक ग्रामो में भ्रमण करेगी पदयात्रा -
समिति के अंबर गर्ग ने बताया कि यह पदयात्रा क्षैत्र की सबसे बडी यात्रा होकर 150 किमी से अधिक दुरी की होकर 50 से अधिक ग्रामो का भम्रण करती हैं। पदयात्रीयो के लिए चार स्थानो पर रात्री विश्राम एवं भोजन की व्यवस्था माही भक्तो द्वारा निःशुल्क की जाती हैं। विश्राम स्थल पर रात्री में श्रद्धालुगण भजन किर्तन कर धर्म लाभ लेते हें। गौलतब हें कि पवित्र माही नदी के संबंध में स्कंध पुराण में वण्रित हें कि माही नदी की उत्पती सरदारपुर तहसील के ग्राम मिण्डा से हुई हैं। यही माही नदी गुजरात में माही सागर के नाम से प्रसिद्ध हैं। यही एक ऐसी पवित्र नदी हें जिसकी उत्पती पृथ्वी से हुई हें। भारत एवं विश्व की 20 हजार 600 तिर्थो में से ही माही सागर को सर्वश्रैष्ठ तिर्थ माना गया हें।

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