रिंगनोद। पूजा करने का समय नहीं है तो मनुष्य को परोपकार कर लेना चाहिए। समाज में परोपकार करने वाले व्यक्ति की ही पहचान होती है, नि:स्वार्थ भाव से दूसरों के हित के लिए तत्पर रहने वालों का यश दूर-दूर तक फैलता है। अतः परोपकार किसी पूजा से कम नहीं है, उक्त वर्णन यहां मंगलम गार्डन में चल रही सात दिवसीय संगीत में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा वाचक विनोद शर्मा (भदवासा) रतलाम ने कही। कथा का वाचन प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन महाआरती के पश्चात महाप्रसादी का वितरण किया गया।  कथा के प्रथम दिन भव्य कलश यात्रा हनुमान मंदिर बस स्टैंड से प्रारंभ हुई जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए मंगलम गार्डन पहुंची जहां पूजा अर्चना के बाद भागवत ग्रंथ की आरती की गई पश्चात कथा प्रारंभ हुई। कथा के आयोजक अंगूरबाला वर्मा परिवार है। 

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