राजगढ़। महावीर स्थान भवन में जिनशासन गौरव अध्यात्म योगी जन जन की आस्था के केंद्र आचार्य भगवंत पूज्य गुरुदेव  श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब  (अणु,) के शिष्य धर्मदास गण नायक,प्रवर्तक देव पूज्य श्री जिनेन्द्र मुनि जी मसा, पूज्य श्री संदीप मुनि जी मसा, पूज्य श्री शुभेष मुनिजी मसा, पूज्य श्री अमृत मुनिजी म साआदि ठाणा 4  प्रवर्तक श्री जी ने फरमाया कि आचार्य श्री के बारे में बताएं कि वह सरलता का उदाहरण गंभीरता सेवक का गुण गुण था हमेशा गुरु की आज्ञा का पालन करते थे। आप श्री के महानता के कई प्रसंग है पूज्य श्री रुपेंद्र मुनि जी महाराज साहब से सलाह लेते थे। आप श्री ने बड़ों का सम्मान कीया तो सम्मान मिला भी मन में किसी प्रकार का कोई कपट नहीं था इतना बड़े होने के बाद भी आप अपने को छोटा  समझते थे आप अपनी आराधना में लीन रहते थे। प्रवर्तक पूज्य श्री सूर्य मुनि जी महाराज साहब (दादा गुरु) ने कहा था कि यह तो "एक हीरा है "आपसे बहुत लोग जुड़े जो हर बार आपके दर्शन वंदन करने आते हैं। पूज्यश्री संदीप मुनिजी म.सा ने फरमाया कि धर्म वही टिकता है जहां सरलता होती है गुरुदेव की सरलता की प्रसिद्धि दूर-दूर तक थी। आपका अपना कार्य स्वयं ही करते थे आप भक्तों के भगवान से आप श्री के लिए इतना महत्व स्वाध्याय आदि के लिए था। उतना ही चिंतन लेखन ध्यान का भी था। पूज्य श्रीशुभेष मुनिजी म.सा ने भी फ़रमाया की आचार्य श्री को बचपन से ही साहित्य पढ़ने का शौक था। आपके पास कोई भी बात करने बैठता तो वह उठने का मन भी नहीं करता था। "आप भक्तों के भगवान थे "आपने अनेक पुस्तक व सहित्य लिखें वह आज भी बहुत श्रावक व श्राविका उनका अध्ययन करते हैं। महासती पूज्या  श्री धेर्यप्रभाजी म.सा. ने फरमाया की आचार्य श्री के उपकार को हम नहीं भूल सकते हैं माता-पिता हमें जन्म देते हैं गुरु हमें धर्म के मार्ग पर चलने  बताते हैं। वह हमें अंधकार से प्रकाश की और ले जाते हैं। आपको संस्कृत व प्राकृत भाषा का गहरा ज्ञान था गुरु के बारे में जितना बोलो वह कम है गुरुदेव अनेक गुणों से गुणों के भंडार थे। पूज्य श्री प्रशम प्रभा जी महाराज साहब ने आचार्य श्री के ऊपर एक सुंदर स्तवन की प्रस्तुति दी। समाज के हितेश वागरेचा ने बताया कि आचार्य पूज्य गुरुदेव श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब कि आज रविवार को 88 वी जन्म जयंती है। जो कि पूरे मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र अनेक शहरों में इसकी जन्म जयंती मनाई। साथ ही साथ अनेक जगह पर आचार्य श्री का अनेक श्री  संघ में गुणनुवाद सभा गुरु श्री उमेश चालीस एवं अनेक धार्मिक आयोजन हुवे। महावीर स्थानक भवन पर सुबह 8:15 से 9:15पर नवकार मन्त्र के जाप व गुरु श्री उमेश चालीस का आयोजन हुवा।  9.15 प्रवचन हुवे  आज 5 -5 सामयिक का आयोजन हुआ। दोपहर को 2 से 3 बजे भी सामयिक का आयोजन था। अनेक श्रावक श्राविका एकासना, आयंबिल उपवास निवि आदि तपस्या कर  जप तप त्याग से आचार्य श्री का जन्म जयंती मनाएंगे साथ ही साथ पोषण व्रत भी होंगे और पक्खी पर्व भी मनाया। प्रतिदिन सुबह राईसी प्रतिक्रमण, प्रार्थना, उसके बाद ध्यान मांगलिक दोपहर धार्मिक चर्चा और शाम को देवसिय प्रतिक्रमण प्रतिदिन चल रहे है।

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