राजगढ़। आचार्य श्री की 88वी जन्म जयंती जप, तप, त्याग के साथ कल रविवार को महावीर स्थान भवन में मनायी जाएगी।जिनशासन गौरव अध्यात्म योगी जन जन की आस्था के केंद्र आचार्य भगवंत पूज्य गुरुदेव  श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब  (अणु,) के शिष्य धर्मदास गण नायक, प्रवर्तक देव पूज्य श्री जिनेन्द्र मुनि जी मसा, पूज्य श्री संदीप मुनि जी मसा, पूज्य श्री शुभेष मुनिजी मसा, पूज्य श्री अमृत मुनिजी म सा आदि ठाणा 4  प्रवर्तक श्री जी ने फरमाया कि जिनवाणी  को  सुनना चाहिए व जीवन मे उतारना चाहिए और अधिक से अधिक समय धर्म आराधना में लगाना चाहिए। पूज्य श्री संदीप मुनिजी म.सा ने फरमाया कि क्रोध नहीं करना चाहिए। क्रोध आने पर मन शांत रखना चाहिए क्योंकि क्रोध  जब आता है तब बहुत नुकसान होता है। क्रोध से  मान सम्मान भी घटता है। व्यक्ति को क्रोध आने पर  हमेशा शांत रहना चाहिए। व्यक्ति को क्रोध नहीं करना चाहिए जब क्रोध आए तब उसको मौन रहना चाहिए। महासती पूज्या श्री धेर्यप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा 3 आराधना भवन में विराजित है। समाज के हितेश वागरेचा ने बताया कि आचार्य प्रमोद पूज्य गुरुदेव श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब की कल रविवार को 88 वी जन्म जयंती है जो कि पूरे मध्य प्रदेश ,गुजरात, महाराष्ट्र अनेक शहरों में  मनाई जा रही है। साथ ही साथ अनेक जगह पर आचार्य श्री का अनेक श्री  संघ में गुणनुवाद सभा, गुरु श्री उमेश चालीस एवं अनेक धार्मिक आयोजन होंगे। महावीर स्थानक भवन पर सुबह 8:15 से 9:15 जाप का आयोजन है। 9.15 से 10.15 तक से प्रवचन होंगे। साथ ही अनेक श्रावक श्राविका एकासना, आयंबिल उपवास निवि आदि तपस्या कर  जप तप त्याग से आचार्य श्री का जन्म जयंती मनाएंगे। साथ ही साथ पोषण व्रत भी होंगे और पक्खी पर्व भी मनाया जाएगा। प्रतिदिन सुबह राईसी प्रतिक्रमण ,प्रार्थना, उसके बाद ध्यान मांगलिक दोपहर धार्मिक चर्चा और शाम को देवसिय प्रतिक्रमण,  प्रतिदिन चल रहे है। दोपहर 2 से 3 बजे सामयिक भी है। सभी अधिक से अधिक संख्या में आकर धर्म आराधना करें दर्शन वंदन जिनवाणी श्रवण का लाभ ले।

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