भोपाल। कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने कहा है कि पदोन्न्ति में आरक्षण को मौलिक अधिकार नहीं मानने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला आरएसएस और भाजपा की रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ संविधान के दायरे में संसद के भीतर और सड़क पर लड़ाई लड़ेगी। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोगों को संविधान में दिए गए अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन किया जाएगा। वासनिक ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आरक्षण पर आए फैसले को लेकर कांग्रेस की रणनीति बताई। इस मौके पर मप्र के प्रभारी कांग्रेस महासचिव दीपक बाबरिया, प्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन व जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद थे। नेताओं ने आरक्षण के अलावा किसी अन्य विषय पर पूछे गए सवालों पर जवाब देने से इनकार कर दिया। वासनिक ने आरोप लगाया कि संघ व भाजपा आरक्षण को खत्म करना चाहते हैं। वासनिक ने आरोप लगाया कि भाजपा व मोदी सरकार संविधान के खिलाफ फैसले ले रही है। कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट का फैसला अमान्य है। वासनिक ने कहा कि संविधान में कहीं भी नहीं लिखा कि अजा-जजा को केवल 10 साल के लिए आरक्षण दिया जाएगा। 10 साल का आरक्षण सिर्फ लोकसभा व विधानसभा के लिए था, जिसे बढ़ाने का अधिकार संसद को है। संसद के अधिकार पर वे टिप्पणी नहीं कर सकते। आदिवासियों को धर्म के कॉलम में हिंदू धर्म लिखने के लिए चलाए जाने वाले आरएसएस के अभियान पर कहा कि व्यक्ति अपने धर्म को लेकर स्वतंत्रता है। जिस व्यक्ति की जिस धर्म को मानने की इच्छा हो, वह वही लिखे। उस पर किसी धर्म को लिखने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता।

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