नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद में ऐलान किया कि उनकी कैबिनेट से राम मंदिर ट्रस्ट को मंजूरी मिल गई है। अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए जो ट्रस्ट बनेगा उसका नाम 'राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' होगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मेरे दिल के बहुत करीब। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के 87 दिन बाद इसकी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, इस ट्रस्ट में महंत नृत्य गोपाल दास को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्होंने कहा, "सुबह केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राम मंदिर को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं। मेरी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार श्रीराम जन्मस्थली पर भव्य मंदिर के निर्माण के लिए और इससे संबंधी अन्य विषयों के लिए एक विशाल योजना तैयार की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एक स्वायत्त ट्रस्ट श्रीरामजन्मभूमि के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया है।" पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा, "9 नंवबर को अयोध्या पर फैसला आने के बाद देशवासियों ने परिपक्वता का परिचय दिया। मैं उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करता हूं। हमारी संस्कृति, हमारी परंपराएं और वसुधैव कुटुम्बकम का दर्शन देती है और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है।" उन्होंने आगे कहा, "हिंदुस्तान में हर पंथ के लोग चाहे हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई हों या बौद्ध, पारसी जैन हों, हम सब एक परिवार के सदस्य हैं। इस परिवार के हर सदस्य का विकास हो, वो सुखी रहे, स्वस्थ रहे, देश का विकास हो इसी भावना के साथ मेरी सरकार सबका साथ, सबका विश्वास के मंत्र पर चल रही है।" राम मंदिर ट्रस्ट में दिगंबर अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा और रामलला विराजमान तीनों से एक-एक सदस्य को शामिल किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, मोदी सरकार इस ट्रस्ट से अपने आपको लगभग अलग रखना चाहती है, इसलिए किसी पदेन अधिकारी को इसमें जगह मिलने की गुंजाइश कम लग रही है, हालांकि कुछ पूर्व नौकरशाह नामित हो सकते हैं।

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