सरदारपुर। जय आदिवासी युवा शक्ती (जयस) एवं भीम आर्मी एवं समाजजन ने बडी संख्या में शामिल होकर एसडीएम महेश बड़ोले को राष्ट्रपति के नाम एमपी पीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा में आदिवासी (भील) समाज के संबंध में आपत्तिजनकर सवाल के  विरोध में ज्ञापन सौंपा गया।  ज्ञापन में बताया गया की  लोकसवा सुचना आयोग ने भील समाज को शराबी आय से अधिक व्यय करने वाला, वधु मुल्य लेने वाला एवं आपराधिक प्रवृत्ति में लिप्त होना बताया गया है। जिसका समाजजन घोर निंदा करते हैं। इस प्रकार के प्रश्न से आदिवासी समाज के प्रति लोकसुचना आयोग की  मानसिकता को दर्शाता है। समाज अपमानित महसूस कर रहा है। सुचना लोक सेवा आयोग की सचिव  रेणु पंत को अबिलम्ब बर्खास्त कर अनिवार्य सेवा निवृत्ति दी जाए, आदिवासियों के अपमान के लिए संघी भास्कर चौबे और रेणु पंत जिम्मेदार हैं,तत्काल एट्रोसिटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई।
साथ ही उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। इस दौरान सरदारपुर जयस अध्यक्ष भारतसिह गामड़, एडव्होकेट रविन्द्र सिन्दल, भारतसिह सोलंकी, अजाक्स ब्लाक अध्यक्ष ईश्वरसिह डावर, तोलाराम गामड़, धर्मेंद्र मंडलोई,  हैमराज कटारे,  राजु एम सोलंकी, मुकामसिह अलावा, सुनिल वसुनिया, दिपक मोहरे धरमपुरी जयस अध्यक्ष, /मीडिया प्रभारी राजेन्द्रसिह गामड़, सुमित अम्लायार, आशिष चोहान, अनिल नर्वे, विजय मेडा, शम्भु भुरिया मिलन भुरिया, अर्जुनसिह गामड़ सहित बडी संख्या मे सरदारपुर क्षेत्र के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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