रिंगनोद। स्कूल ज्ञान का मंदिर है तो शिक्षक भी देवता के सम्मान है हम सभी शिक्षको और गुरुओ का सम्मान तो हमेशा करते है लेकिन कुछ लोग और है जिनका सम्मान भी जरूरी है आज ज्ञान के मंदिर स्कूल  के शिक्षको की सेवा व स्कूलों की साफ सफाई और पढ़ने वाले सभी बच्चों की माता-पिता की तरह ख्याल रखने वाले भृत्यो का भी सम्मान जरूरी है आज हम हर जगह देखते हैं कि शिक्षकों का सम्मान होता है लेकिन स्कूलो के सभी शिक्षको, बच्चों की सुबह से शाम तक सेवा में लगे रहते हैं उन भृत्यो को अनदेखा किया जाता है जबकि भृत्य अपने बच्चों की तरह ही स्कूल के सभी बच्चों को प्यार करते हैं और उनका ध्यान रखते हैं। उक्त बातें कहते हुए रिंगनोद शासकिय उच्चतर माध्यमिक विधालय पर कार्यरत महिला भृत्य भागवंती बाई का गणतंत्र दिवस पर मंचासीन अतिथियों की मौजूदगी में रिंगनोद प्रेस क्लब अध्यक्ष असलम खान और पत्रकार सुनिल माहेश्वरी ने पुष्पमाला पहनाकर और नगद राशि देकर किया। इस अवसर पर सरपंच सिमा कानालाल निनामा, सरपंच प्रतिनिधि काना निनामा, शंकरदास बैरागी, सचिव इंद्रजीतसिंह राठौर, श्याम सुंदर माहेश्वरी, गोपाल पटेल, धर्मेन्द्र पँवार, लोकेन्द्र दरबार, आशीष पँवार, दसरथ चौहान, दलपत पाल सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मौजूद रहें।

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