राजगढ़। नगर के राहुल व्यास का जुनून कुछ इस कदर था कि मात्र 13 वर्ष की आयु से ही केनवास पर चित्र उकेरना शुरू कर दिया इसी संघर्ष के बीच हिंदी भाषा में उनका दौर शुरू हुआ।  देश में बढ़ रही पाश्चात्य संस्कृति और हिंदी भाषा को धीरे धीरे लुप्त होता देख स्वयं ने हिंदी भाषा के साथ कला का प्रदर्शन शुरू किया। समस्त कलाओं में हिंदी भाषा का संयोजन कर कैलिग्राफी करना शुरू की उसके पश्चात कैलिग्राफी को गणेश जी की आकृति का रूप दिया तथा देश के चर्चित हिंदी कैलिग्राफी डूडल आर्ट अक्षर गणेश का क्रियान्वयन किया। आज राहुल देश के चर्चित कलाकारों में से एक है, भारत द्वारा आयोजित परंपरिक शिल्प एवं कला प्रदर्शनी में पूरे भारत के 30 कलाकारों में से राहुल सम्पूर्ण मध्यप्रदेश से चयनित एक मात्र कलाकार थे जिन्होंने अपनी कला से कलकत्ता में ऐसा रंग बिखेरा की सभी उनकी कला को निहारते रह गए । राहुल कला के साथ - साथ लेखक भी है उनकी दो पुस्तक प्रकाशित भी हो चुकी है साथ ही वे हिंदी मंचो पर ओज रस में काव्यपाठ भी करते है, राहुल को कंटेम्पररी डांस करना भी पसंद है जिसके जुनून के कारण राहुल डांस इंडिया डांस 5 के दो ऑडिशन भी जीत चुके है । राहुल को कला, लेखन, नृत्य के आलावा संगीत का भी बड़ा शौक है । शिक्षा क्षेत्र में एमसीए कर चुके राहुल का चयन आईआईटी गुवाहाटी में हुआ है ।
राहुल अपनी कामयाबी का श्रेय उनके पिता प्रहलाद व्यास माता चेतना व्यास, पिता रूप दिलीप जैन मतारूप संगीता जैन, बहन रचना शर्मा, वंदिता जैन, निकिता जैन व भाई विराज जैन को देते है। 26 जनवरी को धार कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने, नगर की ओर से नगरपरिषद अध्यक्ष भंवर सिंह बरोड़, सरदारपुर क्षेत्र विधायक प्रताप ग्रेवाल ने भी सम्मान किया।

Post a comment

 
Top