भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा ने शुक्रवार को संविधान के 126वें संशोधन विधेयक का अनुसमर्थन करने वाले संकल्प को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। इस संशोधन के जरिए अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए आरक्षण व्यवस्था अगले दस साल आगे बढ़ाने का प्रावधान है। हालांकि, संकल्प में सरकार ने एक सुझाव जोड़ दिया कि एंग्लो इंडियन को भी विधानसभा में मनोनीत करने का प्रावधान बरकरार रखा जाए। विपक्ष ने इस पर आपत्ति उठाई और कहा कि राज्य को संविधान संशोधन के अनुसमर्थन संबंधी संकल्प में इस तरह का अधिकार नहीं है। जबकि, संसदीय कार्यमंत्री डॉ.गोविंद सिंह ने कहा कि एंग्लो इंडियन भी पिछड़े हैं। संकल्प पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्तिकाल के लिए स्थगित हो गई। भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आपकी नीयत साफ नहीं लगती है क्योंकि आप संकल्प शर्त के साथ लाए हैं। यह भ्रम पैदा करने की कोशिश है क्योंकि संविधान संशोधन विधेयक में इस तरह का प्रावधान नहीं किया जा सकता है।

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