नई दिल्ली। केन्द्र सरकार के 36 मंत्रियों का आज से जम्मू कश्मीर का दौरा शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों से जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ वक्त बिताने और उनकी जरूरतों को समझने का निर्देश दिया है। आज केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह जहां जम्मू के दौरे पर जा रहे हैं वहीं अर्जुनराम मेघवाल और अश्विनी चौबे सांबा के दौरे पर रहेंगे। मोदी के मंत्री जम्मू में 51 जगहों का दौरा करेंगे और भीषण बर्फबारी के बीच भी श्रीनगर में 8 जगहों पर जाकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे। सूत्रों ने बताया कि मंत्री परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान विकास का संदेश फैलाएं। उनसे विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की जानकारी भी देने को कहा गया, जिससे जमीनी स्तर पर लोगों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से कहा कि उन्हें केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि गांवों के लोगों से भी मिलना चाहिए और जम्मू-कश्मीर में केंद्र की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी देनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि 18 से 24 जनवरी के बीच 36 केंद्रीय मंत्री संघ शासित प्रदेश के दोनों संभागों का दौरा करेंगे और गृह मंत्रालय इसका समन्वय करेगा। केंद्र सरकार एक खास मकसद के साथ जम्मू कश्मीर पहुंच रही है। राज्य में धारा 370 और 35ए हटने के बाद विपक्ष ने संसद से लेकर सड़क तक कई बार इसपर सवाल उठाए। इन्हीं सवालों का जवाब देने पीएम मोदी के मंत्रियों की फौज 18 से 24 जनवरी तक जम्मू कश्मीर में डेरा डालने वाली है। इस दौरे पर केंद्र सरकार के मंत्री जम्मू कश्मीर के लिए चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों की आम लोगों को जानकारी देंगे।

18 से 24 जनवरी तक मोदी कैबिनेट के मंत्री जम्मू कश्मीर के कई जिलों में लोगों से बात करेंगे। इस दौरान रविशंकर प्रसाद बारामूला, स्मृति ईरानी काबरा और पंथाल, वीके सिंह उधमपुर, जी किशन रेड्डी गांदरबल, श्रीपद नाइक श्रीनगर और केंद्रीय मंत्री आर के सिंह डोडा का दौरा करेंगे। इन मंत्रियों के अलावा कुछ मंत्रियों के दौरे की जानकारी भी जल्द ही सामने आ जाएगी। पीयूष गोयल,  गिरिराज सिंह, रमेश पोखरियाल, अनुराग ठाकुर और प्रह्लाद जोशी का नाम भी उस लिस्ट में है जो जम्मू कश्मीर जाएंगे। मोदी सरकार ये समझ रही है कि अब मंत्रियों को सीधे जनता से संवाद करके ये बताना होगा कि धारा 370 ने अब तक किस तरह से जम्मू कश्मीर का विकास रोका हुआ था। जम्मू कश्मीर में अब जमीनी हालात बदल चुके है। पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है। सेना आतंकवादियों को करारा जवाब दे रही है। इसी बदले माहौल के बीच मोदी कैबिनेट के मंत्रियों के जम्मू-कश्मीर दौरे से शांति और समृद्धि लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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