सरदारपुर। स्थानीय उप जेल में शनिवार शाम को विचाराधीन कैदी की संदिग्ध मौत के बाद रविवार को युवक के परिजन एवं समाज के संगठन ने जेल कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। जेल कर्मियों पर प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर आक्रोशित समाजजन एवं परिजन ने थाना परिसर में धरना दिया था। अधिकारियों की समझाईश के बाद सभी धरने से हटे थे। वही आज समाजजन एवं परिजनों ने धार में कलेक्टर को मामले में एक आवेदन दिया हैं।
दरअसल पारिवारिक विवाद के चलते 3 दिसम्बर को विभिन्न धाराओं के अंतर्गत 40 वर्षीय महेंद्र उर्फ़ रितेश पिता अमृत सोलंकी निवासी सोनियाखेड़ी (दसाई) को अमझेरा पुलिस ने न्यायालय में पेश किया था। जहाँ से महेंद्र को उप जेल सरदारपुर भेजा था। जेल अधीक्षक के अनुसार शनिवार शाम को महेंद्र की अचानक तबियत बिगड़ गई थी। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरदारपुर भेजा था जहाँ डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कर मृत घोषित कर उसे दिया। रविवार सुबह परिजन अस्पताल पहुँचे एवं उन्होंने मृतक युवक के पीठ पर निशान देखें एवं जेल में युवक के साथ मारपीट कर उसकी हत्या का आरोप जेल कर्मियों पर लगाया। युवक का पोस्टमार्टम न्यायाधीश की उपस्थिति में वीडियोग्राफी के साथ हुआ था। मामले में आज युवक के परिजन एवं अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं समाजजनों के साथ धार में कलेक्टर श्रीकांत बनोठ को एक आवेदन सौपकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की हैं।

परिजनों के साथ समाजजनों ने कलेक्टर को सौपा आवेदन -
मृतक दलित समाज का था। समाजजनों ने कल आरोप लगाए थे की मृतक की हत्या की गई है। आज अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार एवं परिजनों ने जिला कलेक्टर को कार्रवाई हेतु एक आवेदन सौपा। जिसमे उन्होंने बताया कि मृतक की मौत उप जेल सरदारपुर में संदिग्ध अवस्था में हुई हैं। उसकी जाँच के शुरूआती बिंदु से असंतुष्ट हैं। यह मामला मारपीट कर जान से मारने का लग रहा हैं। अतः मामले की जाँच में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए व सम्बंधित अधिकारियो को तुरंत निलंबित की कठोर कार्रवाई की जाए तथा दोषियों के खिलाफ धारा 302 की कार्रवाई  की जाए।

मृतक के परिजनों को दी सहायता राशि -
अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने चर्चा में बताया कि जिला कलेक्टर को उचित कार्रवाई हेतु आवेदन दिया हैं। कलेक्टर ने मृतक के परिजनों को अंत्येष्टि सहायता हेतु 20 हजार रूपये रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से दिए हैं। साथ ही मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता नया सवेरा योजना (सम्बंल योजना) के अंतगर्त दी जाएगी। हमने मृत्यु की  स्पष्ट जाँच कर जिम्मेदार अधिकारियो पर कठोर कार्रवाई की मांग की हैं।

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