राजगढ़। तमिलनाडु प्रांत के श्री कृष्णगिरी तीर्थ धाम में विराजित देवी मां पद्मावती की कथा का शानदार नाट्य मंचन यहां मोहन गार्डन में राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी म.सा.की पावन निश्रा में हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर देर रात्रि तक यह भक्तिमयी प्रस्तुति देखी। उज्जैन के 28 बेहतरीन कलाकारों ने जगरूप सिंह चौहान के निर्देशन में यह अभिनव नाट्य प्रस्तुति दी। सर्वधर्म भैरव भक्त मंडल राजगढ़ के तत्वावधान में त्रिदिवसीय सर्वधर्म जनकल्याण महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम के तहत बुधवार की शाम को यहां लोक कल्याणकारी दिव्य एवं चमत्कारिक महामांगलिक एवं संगीतमय भैरव भक्ति का आयोजन संतश्रीजी की निश्रा में होगा।
डॉ. वसंतगुरुजी ने सूर्यग्रहण संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि परस्पर छह शत्रु ग्रहों का योग 26 दिसंबर को होने वाले सूर्य ग्रहण में एक साथ बन रहा है जो कि एक ही धनु राशि में आ रहा है। 1800 वर्षों बाद बन रहे इस दुखदाई एवं विनाशकारी योग समय में श्रद्धालुओं को नियमित रूप से अपने आराध्य- अथवा गुरुवर के प्रति आस्था पूर्वक आराधना अथवा मंत्र जाप, श्रद्धा भक्ति के साथ करना चाहिए। उन्होंने गुरुवार की प्रात 7:00 बजे से 12:00 बजे तक सभी कार्य स्थगित कर अपने निवास स्थान पर ही यह भक्ति जाप करने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने कहा कि बुधवार की शाम 7 बजे से महामंगलकारी मांगलिक में अधिकाधिक संख्या में लोगों को सूतक काल में श्रवण से भी चमत्कारिक लाभ होगा। इसका सीधा प्रसारण पारस चैनल पर भी लाइव होगा।
आयोजन से जुड़े राजेंद्र कोठारी एवं डॉक्टर सुनील मंडलेचा ने बताया कि  संतश्रीजी की आगामी दिव्य महामांगलिक गुजरात प्रांत के दाहोद कस्बे में शनिवार रात्रि 8:00 बजे होगी, जो कि श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर में होगी। उल्लेखनीय है कि सर्वधर्म दिवाकर श्रीजी के दिव्य महा मांगलिक श्रवण मात्र से इंदौर, जावरा के बाद हाल ही राजगढ़ में बड़ी संख्या में लोगों की दुःख, पीड़ा व बीमारी मुक्ति सहित मनोकामना पूर्ति के अनेक चमत्कार देखे गए हैं।

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