भोपाल। राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि मध्यप्रदेश का खजुराहो अपने अनोखे वास्तुशिल्प के प्रतीक मंदिरों और स्मारकों के कारण विश्वविख्यात है। इस विश्व धरोहर पर हमें गर्व है। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह जैसे आयोजन खजुराहो की ख्याति के विस्तार में सहायक है। ऐसे समारोह भारतीय वास्तुकला और पुरा-सम्पदा को विश्व के समक्ष लाने का माध्यम भी हैं। राज्यपाल श्री टंडन आज खजुराहो में पाँचवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि खजुराहो की मूर्तिकला और विभिन्न मंदिर महत्वपूर्ण धरोहर है। इनका संरक्षण होना ही चाहिए। राज्यपाल श्री टंडन ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को सार्थक बताते हुए कहा कि प्रदर्शित फिल्में देखने के लिये साल-दर-साल अधिक दर्शक पहुँचेंगे। यह प्रयास क्षेत्र के विकास में भी सहयोगी है। उन्होंने महोत्सव के आयोजक राजा बुन्देला को इस प्रयास के लिये बधाई दी। राज्यपाल ने खजुराहो पर केन्द्रित एक विशेष डाक्यूमेन्ट्री फिल्म के निर्माण की जरूरत बताई। राज्यपाल श्री टंडन ने फिल्म महोत्सव में भागीदारी करने वालों को स्मृति-चिन्ह प्रदान किये। फिल्मकार और महोत्सव के सूत्रधार श्री राजा बुन्देला ने कहा कि वर्ष 2015 से इस महोत्सव की शुरूआत हुई है। युवाओं को फिल्म निर्माण के विभिन्न पहलुओं से जोड़कर उन्हें रोजगार और व्यवसाय से जोड़ने का भी प्रयास है। आने वाले समय में इस महोत्सव को गोवा फिल्म फेस्टिवल के स्तर का बनाने के प्रयास होंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में खजुराहो नगर परिषद की अध्यक्ष सुश्री कविता सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।

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