भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के संगठन चुनाव के तहत जिलाध्यक्षों के चुनाव नतीजे चार दिन बाद भी घोषित नहीं हो पाए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भोपाल-इंदौर, सागर, विदिशा, जबलपुर, ग्वालियर सहित एक दर्जन जिलों में समन्वय न बन पाने के कारण इन जिलों के जिलाध्यक्ष की घोषणा रोकी जा सकती है। माना जा रहा है कि जिलाध्यक्षों की पहली सूची शुक्रवार या उसके बाद ही आएगी। इधर, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी बुधवार को दिल्ली में प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह सहित केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। भार्गव के गृह जिले सागर में भी जिलाध्यक्ष के चयन पर विवाद चल रहा है। इधर, भाजपा ने जिन 72 मंडल अध्यक्षों के चुनाव परिणाम दावेदारों की उम्र सीमा के कारण रोककर रखे हैं। उन सभी मंडलों में एक बार फिर निर्वाचन अधिकारी जाएंगे और उनके जन्म प्रमाण पत्रों की जांच करेंगे। इसके अलावा उन मंडलों में भी पार्टी निर्वाचन अधिकारियों को भेज रही है, जहां इसी तरह की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मंडल में दावेदारों को सूचना दी गई है कि जब उन्हें बुलाया जाए, वे अपने 10वीं या 12वीं के प्रमाण पत्र साथ लेकर आएं। जिलाध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया के बीच पार्टी ने प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए रायशुमारी कराने के लिए पर्यवेक्षक भी नियुक्त कर दिए हैं। प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव और प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री भोपाल आएंगे। पार्टी ने रायशुमारी के लिए तारीख तय नहीं की है, लेकिन संभावना है कि आने वाले रविवार को ही दोनों नेता स्थानीय नेताओं से बात करने के लिए आ सकते हैं।

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