विनोद सिर्वी, धुलेट। बुधवार को गांव धुलेट के गुप्तेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में श्री खाटू श्याम जी के संकीर्तन तथा कथा का आयोजन किया गया। आयोजन में सर्वप्रथम खाटू श्याम जी को पुष्प माला से सजाया गया तथा छप्पन भोग लगाकर जोत जलाई गई। बाहर से आए गायक कलाकारों का पुष्प माला से ग्रामीणों ने स्वागत किया। वही खाटू श्याम जी भजन के साथ कथा के बारे में जानकारी देते हुए गायक कलाकार राहुल मंडवाल ने बताया कि बर्बरीक घटोत्कच का पुत्र था।
बहुत बड़ा तपस्वी, बहादुर और सिद्धांतों पर अटल रहने वाला यह वीर कई शक्तियों का मालिक और अद्भुत था। उसने भगवान शिव और मां दुर्गा की तपस्या भी की थी। तपस्या से ही उसने तीन अभेद्य बाण प्राप्त किए। इन बाणों से वह पूरे विश्व का संहार कर सकता था लेकिन भगवान कृष्ण बर्बरीक की दानशीलता, सच्चाई और निष्पक्षता से बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने बर्बरीक को अपना श्याम नाम वरदान में दे दिया। साथ ही कलियुग में इसी नाम से पूजित होने का आशीर्वाद भी दिया। राजस्थान में सीकर जिले के खाटू श्यामजी में बाबा श्याम का मंदिर है। यहां देश-विदेश से रोज काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
वही गायक कलाकार जीवन मारु ने भजन गायन करते हुए कहा कि "धुलेट में दरबार सजा है। दूल्हा मेरा श्याम बना है" आदि भजनों सुनते ही भक्तों  ने भगवान श्याम का जयकारा लगाते हुए खूब नाचे। आयोजन देर रात्रि तक चला  रात्रि में खाटू श्याम जी की आरती उतारकर छप्पन भोग प्रसाद का वितरण किया गया।

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