नई दिल्ली। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ राजधानी दिल्ली समेत दंगा प्रभावित क्षेत्रों में प्रदर्शन के दौरान स्लीपर मॉड्यूल सक्रिय हो चुके हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार आज बहुत बड़ा प्रदर्शन हो सकता है। इसमें एक साथ दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 40 से अधिक मोर्चे खुल सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़, आगजनी और दंगा भड़काने के लिए इंडियन मुजाहिदीन और सिमी से जुड़े कट्टरपंथी तैयारी के साथ इसमें शामिल हो चुके हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के अनुसार कल हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मेवात, नूंह और उसके आसपास से करीब 25 हजार लोग दिल्ली में दाखिल होकर प्रदर्शन में हिंसा फैलाने वाले थे। इसके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने रात में ही गुड़गांव बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाकर पुख्ता इंतजाम कर दिए थे।
आज सीएए के खिलाफ प्रदर्शन से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली से उत्तर प्रदेश और हरियाणा के तमाम जिलों के कप्तान और कमिश्नर से बात कर दिल्ली में शांति बनाए रखने में मदद मांगी है। यह भी बताया जा रहा है कि शुक्रवार को नई दिल्ली जिले और कुछ और चुनिंदा पॉइंट्स को छोड़ते हुए बड़े इलाके में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। दिल्ली पुलिस ने फेसबुक और ट्विटर सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों से करीब 60 खातों से आपत्तिजनक सामग्री हटाने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिए पत्र भी लिखा है। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सीएए के खिलाफ अफवाहों को रोकने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने लोगों से अफवाह फैलाने वालों की जानकारी देने की भी अपील की है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हम पिछले तीन-चार दिन से सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रख रहे हैं और आपत्तिजनक सामग्री और तनाव बढ़ाने वाले पोस्ट की पहचान की जा रही है।’’ दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी मंदीप सिंह रंधावा ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा नहीं करे और इसकी जानकारी पुलिस को दे। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग अफवाह फैलाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगाी। खुफिया इनपुट के मुताबिक, सांझी विरासत नाम के एक संगठन की कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन करने की योजना है। दिल्ली से लेकर कनाडा तक कई संगठन इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं। इनका प्रयास है कि नागरिकता की आड़ में भारत की छवि खराब की जाए। इस तरह के विरोध प्रदर्शन के लिए विदेशी फंडिंग जुटाई जा रही है। आईटी, ईडी और डीआरआई जैसी एजेंसियां इसकी जांच में जुट गई हैं। खुफिया विभाग के मुताबिक, पाकिस्तान से लेकर कनाडा तक रहने वाले कुछ लोग, जो खालिस्तान का समर्थन करते हैं, वे भी इस प्रदर्शन में कूद पड़े हैं।

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