नरेन्द्र पँवार, दसाई। रबी  की फसल की बोवनी के बाद अब यूरिया खाद की किल्लत किसान महसूस करने लगा है। यूरिया खाद के लिये किसानो को लम्बी लाइन मे खडा रहना पड रहा है मगर फिर भी आवश्यकता के अनुसार खाद नही  मिल रहा है। लगातार बारिश होने से पर्याप्त पानी होने के कारण इस बार गेहुॅ की बोनी का रकबा अधिक है। ऐसे मे किसानो को पर्याप्त मात्रा मे यूरिया की आवश्यकता बनी हुई है। समय-समय पर फसल को खाद की आवश्यकता बनी रहती है। जिससे फसल की पैदावार बढ सके। लेकिन खाद का नही मिलना  किसानो के लिये चिंता का विषय बन गया है। सोमवार को आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्या मे यूरिया आने की सूचना जैसे ही किसानो को मिली तो सुबह से ही लाइन मे लग गये। लम्बी लाइन देख संस्था द्वारा प्रत्येक किसानो को  3-3 बोरी यूरिया का वितरण किया गया।

जरूरत के अनुरूप नहीं मिल रहा यूरिया - 
दसाई के किसान होकमीचंद पाटीदार ने बताया की मेरे पास 20 बीघा जमीन है संस्था द्वारा मात्र 3 बोरी यूरिया दिया गया है। इतनी कम मात्रा मे यूरिया का मिलना केसे काम चलेगा। वर्तमान मे सिचांई का काम चल रहा है। परन्तु यूरिया खाद के लिये सिंचाई को बंद कर लाइन मे लग रहे है। फिर भी पर्याप्त मात्रा मे नही मिल रहा है। वही किसान मोतिलाल पाटीदार ने बताया की दसाई मे यूरिया की समस्या हो रही है। जिन किसान को 20-25 बोरी की आवश्यकता है उन्है मात्र 3 बोरी मिल रहा है। ऐसे मे किसान यूरिया के लिये भटक रहा है शासन को यूरिया की पर्याप्त मात्रा मे पूर्ति करना चाहिये ताकि किसानो को यूरिया के लिये भटकना नही पडे और समय-समय पर फसल को खाद दे सके। वही किसान पप्पुदास बैरागी ने बताया की वर्तमान मे फसल को खाद की अभी ज्यादा आवश्यकता है। मगर यूरिया की समस्या काफी है।  समय पर फसल को खाद नही दिया गया तो ग्रोथ प्रभावित होगी साथ ही पैदावार पर भी असर पडेगा।

मांग पत्र भेजा है -
संस्था प्रबंधक महेश शुक्ला ने बताया की संस्था द्वारा प्रत्येक किसानो को 3-3 बोरी यूरिया का वितरण किया गया है जैसे ही यूरिया आता है पर्याप्त मात्रा मे किसानो को खाद दिया जावेगा। संस्था द्वारा आवश्यकता अनुसार मांग पत्र भेज दिया गया है। किसानो को खाद  समस्या नही आये इसके लिये पूरा-पूरा प्रयास किया जा रहा है।

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