नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 18 अक्टूबर को हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या ने तीखे तेवरों के लिए चर्चित अन्य कई हिंदू नेताओं को विचलित कर दिया है। अब वे अपनी सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। ऐसे नेता, भाजपा के बड़े नेताओं से संपर्क कर सुरक्षा की सिफारिश कराने के साथ सीधे गृह मंत्री अमित शाह से लेकर राज्य सरकारों को पत्र लिख रहे हैं।  सुरक्षा मांगने वाले हिंदू नेताओं में सबसे चर्चित नाम साध्वी प्राची का है। भाजपा अध्यक्ष व गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पत्र लिखकर वह सुरक्षा की गुहार लगा चुकी हैं। उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से हरिद्वार स्थित उनके आश्रम के आसपास कुछ संदिग्ध लोग टहलते मिले हैं, अनहोनी की आशंका है। साध्वी प्राची ने सीमा पार के आतंकी संगठनों के निशाने पर खुद के होने की बात कही है। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजीव कुमार ने भी जान को खतरा बताया है। इसी तरह, उत्तर प्रदेश नव निर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी को भी जान से मारने की धमकी मिली है। जानी ने दावा किया कि रविवार को उनके घर पर एक महिला सीलबंद लिफाफा सुरक्षा गार्ड को थमा गई, जिसमें कहा गया है, "कमलेश तिवारी के बाद अब आपकी बारी है।" पत्र प्राप्त होने के तुरंत बाद अमित जानी ने अपने घर पर पुलिस को बुलाया। उन्होंने नोएडा सेक्टर 20 पुलिस थाने में एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई। अमित जानी कभी बसपा मुखिया मायावती की मूर्ति तोड़कर सुर्खियों में आए थे और अक्सर विवादास्पद टिप्पणियां करते रहते हैं। एक और हिंदू नेता उपदेश राणा ने अंतरराष्ट्रीय कॉल के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने की बात कही है। उनके समर्थकों ने मध्य प्रदेश के माकड़ौन थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। सोशल मीडिया से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू संगठनों के बुलावे पर तीखे भाषणों के लिए चर्चित पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने खुद तो सुरक्षा नहीं मांगी है, मगर ट्विटर पर उनके समर्थक सरकार से मांग कर रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि इसके अलावा भी कई और नेताओं ने सुरक्षा की गुहार लगाई है।

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