विराज प्रजापति, सारंगी। शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की गई तथा सदर बाजार कृष्ण मंदिर पर  केसरिया दूध  का प्रसाद बनाया गया। इस प्रसाद को रात के समय चंद्रमा की रोशनी में रखकर आधी रात के 12 बजे आरती के बाद भक्तो में वितरित किया गया। दमा के रोगियों के लिए औषधि मिश्रित केसरिया दूध  का वितरण किया जाएगा। घरों में भी खीर बनाई गई। इस खीर को भी चंद्रमा की रोशनी में रखने के बाद खाया जाएगा। ऐसा माना जाता है कि रात को 12 बजे इस केसरिया दूध में अमृत बरसता है। इस रात को बनाये गए केसरिया दूध को रात 12 बजे तक खुले आसमान में रखने के बाद खाने से चर्म रोग, अस्थमा, दिल की बीमारियां, फेफड़ों की बीमारियां और आंखों की रोशनी से जुड़ी परेशानियों में लाभ होता है। रात के समय चंद्रमा का पूजन भी किया जाएगा। इलाके के हनुमान मंदिरों विशेष तौर पर सदर बाजार स्थित कृष्ण मंदिर में यह पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसके अलावा नगर के अन्य मंदिरों में भी यह पर्व मनाया गया। वैसे शरद पूर्णिमा के साथ ही ठंड की आहट शुरू हो गई है। यह आहट देर रात्रि या सुबह-सुबह महसूस होती है।

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