राजोद। राजोद से डेढ़ किलोमीटर दूर पश्चिमी छोर पर बसा गांव धोलगढ  बदलते परिवेश में अपनी पहचान होता जा रहा है एक जमाने में या गांव में सिंधिया परिवार की जगह हुआ करता था यह गांव छह सौ वर्ष पुराना है  यहां 5 किलोमीटर  की घेराबंदी का  गांव मैं 4 किले टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए हैं बचा हुआ किले की दीवार का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो कर जर्जर हो  रहा है। एक बावड़ी भी है। गाँव में 85 वर्षीय बुजुर्ग ग्रामीण कन्हैयालाल पुरोहित, देवकरण पंडिया, से चर्चा के दौरान बताया की 1500 ईसा पूर्व इस गाँव लबाना जाति के लोग रहते थे।  दशहरे पर जागीरदार अपने पुरे लावा लश्कर बेंड बाजों घोड़े हाथी के साथ दशहरा मनाने यहाँ आते थे माताजी के दर्शन कर आशीर्वाद देते थे एवं मवेशियों की बलि चढाई जाती थी। किले के चारों ओर चारों ओर गहरी खाई हुआ करती थी, जिनमें पानी भरा रहता था। किले के पिछे बावड़ीवाले कुए की दिवार पर मोतीझरा, खासी बुखार आदि मन्नतधारी आते है। नदी के जल का पानी उतार कर बीमार को पिलाने से आराम होता है । आराम
होने पर पुनः आकर दर्शन कर प्रसाद चढाते है।

देराश्री परिवार ने बनवाया मंदिर - पुर्व मे यहाँ माता जी का मंदिर बिना किसी ओटले के बना हुआ था जिसके बाद मे मंदिर स्व.ग्यारसी देवी-सुंदरलाल देराश्री व  उनके दोनों पुत्र व ग्रामीण के सहयोग से मंदिर का निर्माण करवाया मंदिर में चामुंडा माता, नारायणी देवी, कालिका माता विराजमान है मंदिर के ठीक  पीछे हनुमान जी की चमत्कारी मूर्ति विराजित है  आसपास के क्षेत्र से दशहरे के दिन  श्रध्दालु यहां माता जी मंदिर पर दर्शन लाभ लेते हैं।  प्रकृतिक  सुंदरता की छठ बिखेरता यह खूबसूरत सा झरना कलबल कर बहता है। झरने को देखने बड़ी संख्या में लोग पहूंच कर सेल्फी लेते हैं
मंदिर पर पहुंचने में होती है बड़ी परेशानियां-  गांव के मन्ना लाल पुरोहित, रमेश पांडिया, जीवा जी पुरोहित , पल्लाजी,  दीपक  चारण, तेजा चारण ,भूपत चारण, सुनील चारण ,श्याम चारण आदि ने बताया कि उक्त गांव राजोद पंचायत में आता है गांव की आबादी 250 है  वर्ष भर में एक दिन दशहरे पर बड़ी संख्या में लोग माताजी मंदिर पहुंचकर दर्शन करने आते हैं उबड़ खाबड़ मार्गो पर किचड होने  से श्रध्दालुओ को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है जिसके कारण पैदल चल दुरभ हो जाता है खोडियार नगर में माता जी मंदिर पर खड़ंजा बन जाता है तो मंदिर मे पहुंचे में बड़ी सुविधा हो जाएगी।  विद्युत पोल पर लाइट नहीं होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Post a Comment

 
Top