राजगढ़। आल इंडिया जैन जर्नलिस्ट एसोसिएशन का राष्ट्रीय अधिवेशन एवं सम्मान समारोह राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया के नेतृत्व में विरार के अतीप्राचीन अगासी जैन तीर्थ में संपन्न हुआ। दो दिवसीय अधिवेशन की शुरूआत प्राचीन श्री मुनिसुव्रत भगवान की स्नात्र पूजा-अर्चना एवं भक्तिभाव, मंगलाचरण के साथ हुई, अधिवेशन में भारत के कोने-कोने से सैंकड़ो जैन कलमकार शामिल हुए। आयोजन में दूर-दराज से आए कलमकारों ने जैन समाज के उत्थान एवं संतो के आचार-विचार में आए परिवर्तन और शिथिलाचार को दूर करने जैसे विषयों पर विचार- विमर्श किया गया। कार्यक्रम में  राजगढ़ के सुनील बाफना ने अपने उदबोधन में कहा  देशभर के अंदर समाज का करोड़ों रुपए रखा हैं लेकिन उनका कोई हिसाब नहीं है, ओर पैसा बोलिया लगाकर इकट्ठा कर रहे है। जिसके पास समाज का पैसा पड़ा है वह पैसा छोड़ने को तैयार नहीं है। समाज के अंदर ट्रस्ट तो है लेकिन उनके रजिस्ट्रेसन नही है, समाज का पैसा राष्ट्रीयकृत बैंकों में नहीं है जिसकी वजह से लोकल बैंकों में पैसा जमा कर डूबा रहे हैं। साथ ही कहा समाज के निर्धन व्यक्ति को व्यापार करने के लिए समाज के व्यक्ति का मेनिफेक्चरिंग का कार्य है वो समाज के निर्धन लोग जो व्यापार करने के लिए बिना मुनाफा के मूल राशि लेकर समान दे तो समाज का निर्धन व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। कई शहरो में प्रतिभाशाली बच्चों को समाज द्वारा सम्मान नहीं किया जाता है, उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया, विरार की पूर्व महापौर प्रविनाबेन ठाकुर, सुनिता हुंडिया, डॉ. रचना फाड़िया, आईजा के राष्ट्रीय महामंत्री महावीर श्रीश्रीमाल, अभय कोटेचा, दिलीप भाई के आतिथ्य में संपन्न हुआ। अधिवेशन के दूसरे दिन वर्षों से मंदिर में सेवा दे रहे सेवादारों, पुजारियों का बहुमान किया। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु सहित अन्य प्रदेशों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले कलमकारों का कलमकार रत्न अवार्ड से सम्मान किया गया। मध्यप्रदेश आईजा का प्रतिनिधित्व करने वाले महावीर संदेश के सम्पादक एवं आईजा प्रदेश मंत्री प्रदीप जैन, जिवदया समिति के अध्यक्ष रिंकेश जैन, दैनिक भास्कर के पत्रकार सुनील बाफना (राजगढ़) का सम्मान किया गया। मध्यप्रदेश आईजा के मीडिया प्रभारी पवन नाहर  झाबुआ ने बताया की आईजा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया के नेतृत्व में समाज में अलख जगाने के साथ ही बढ़ते शिथिलाचार और जिव हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने और कलमकारों को अपनी आवाज बुलंद करने का कार्य किया जा रहा है । अधिवेशन में दिपांशु जैन बिछड़ौद, अजय पाटनी सोनकच्छ, राजकुमार हरण जावरा, रितेश जैन देवास, नवीन बाफना धार, अखिलेश कांठेड़ रतलाम, विशाल जैन रतलाम आदी सहित राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, मदुराई, छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेश के कलमकार शामिल हुए ।

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