राजगढ़। नगर के पांच धाम एक मुकाम श्री माताजी मंदिर पर हरितालीका तीज महिलाओं द्वारा मनाई गई। मंदिर के ज्योतिषाचार्य श्री पुरूषोत्तमजी भारद्वाज ने बताया की प्रातः व्रतधारी महिलाओं को संकल्प करवाया गया। महिलाओं द्वारा बालु रेत से शिवलिंग, मां पावर्ती, गणेश एवं सर्यू-चंद्र बना कर उनका पूजन किया। महिलाओं ने विविध प्रकार के वृक्ष के पत्ते पढ़ाए तथा पुष्पार्चन किया। जिसके बाद महिलाओं को कथा का श्रवण करवाया गया। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष तृतीया को हस्त नक्षत्र युक्त को यह व्रत किया जाता है।
यह व्रत सबसे पहले माता पार्वती ने महादेव जी को पति रूप में पाने हेतु किया था। जिसके बाद से शोभाग्यवति महिलाएं इस व्रत को अखण्ड शोभाग्य हेतु करती है तथा युवतियां अच्छे गुण व स्वभाव के वर को पाने हेतु व्रत करती है। मां पार्वती का हरण सख्यिों द्वारा किए जाने के कारण इस व्रत का नाम हरितालीका पड़ा।

Post a Comment

 
Top