रायपुरिया-पेटलावद। आज रायपुरिया, पेटलावद, झाबुआ, बामनिया, सारंगी, खवासा सहित सम्पूर्ण  क्षेत्र में महिलाओ द्वारा ऋषिपंचमी व्रत किया जा रहा है। ऋषिपंचमी के दिन महिलाओं ने सुबह जल्दी उठ कर औषधीय स्नान किया। धार्मिक मान्यता अनुसार महिलाओं द्वारा आज आंधीझाड़ा के पौधे की 108 डंडियों का गट्ठर बनाया गया। स्नान के समय इस गठ्ठर को सिर पर रखकर 108 लोटे पानी से स्नान किया। मान्यता अनुसार पवित्रता के लिये यह स्नान किया जाता है। स्नान उपरांत बालूरेती से शिवलिंगों की स्थापना कर ऋषियों का पूजन विधि - विधान अनुसार किया गया। पूजन उपरांत महिलाओं ने व्रत कथा सुनी और मोरधन से बना आहार ग्रहण किया। महिलाओं के धार्मिक मान्यताओं के पर्वो की शुरुआत हो गई है। इसी के तहत रविवार को हरतालिका तीज पर्व पर महिलाओं ने सौभाग्य की प्राप्ति के लिये निर्जला रह कर किया था। ऋषि पंचमी के इस उपवास को लेकर औषधीय स्नान का महत्व बताया गया है। आंधीझाड़ा नामक औषधिय पौधे की डंडियों को सिर पर रखकर महिलाओं ने विशेष स्नान कर धार्मिक मान्यतानुसार पवित्रता के लिए व्रत रखा। ऐसा माना जाता है रजस्वला स्थिति में हुए अंजाने कर्मो से मुक्ति के लिए इस व्रत को किया जाता।

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