आयुषी राठौड़, पेटलावद।  पेटलावद नगर के गांधी चौक चौराहें पर लगा हाई मास्ट लेंप इन दिनों शौभा मात्र की वस्तु बना है। सड़को को रोशन करने के लिए जनप्रतिनिधियों ने सरकारी धन बटोरने में खुब दिलेरी दिखाई किन्तु इनके संरक्षण की चिंता किसी ने नहीं की। नगर में लाखों रूपयें की लागत से यह लैंप लगाया था। जिससे की चोैराहा दुधिया रोशनी से जगमग हो जायें। कुछ दिनों तक चौराहा रोशनी से गुलजार रहा। लेकिन ज्यादा समय तक यह रोशनी बरकरार नहीं रह पाई। इस लैंप के लगने से रात्री में दुकान संचालित करने वाले दुकानदारों तथा रहवासीयों को काफी ख़ुशी थी। लेकिन यह ख़ुशी ज्यादा समय तक नहीं रहीं। कई महिनों से यह लैंप बंद पड़ा है। जिसकी सुध आज तक जिम्मेदारों के द्वारा नहीं ली गई है। खराब पडे इस लैंप की अगर जिम्मेदारों के द्वारा सुध ली जाती तो लाखों रूपयें व्यर्थ नहीं जाते और आसपास के दुकानदारों और नागरिकों को अधेंरे का सामना नहीं करना पड़ता। महिलाएं व बुजुर्गों द्वारा टहलने के लिए अधिकतर इसी रास्ते का उपयोग किया जाता है, जिससे कभी भी कोई भी अंधेरे का फ़ायदा उठा कर किसी भी अनहोनी को अंजाम दे सकता है।
आश्चर्य की बात यह है कि इस चौराहें से समस्त अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है, उसके बाद भी इस और किसी ने ध्यान देना उचित नहीं समझा।  असुविधा के अभाव से यह लगता है कि अधिकारी भी सिर्फ़ मतलबी होते जा रहें है। जो सिर्फ़ 1 तारीख़ को वेतन का इंतज़ार करते है। नगरवासियों ने मांग की है कि जल्द हीं इस लैंप की सुध लेकर इसे पूनः चालु करवाना चाहिए ताकि किसी अनहोनी को देखना न पड़े।

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