आयुषी राठौड़, पेटलावद। वर्षो से नगर को एक सर्वसुविधा युक्त स्थाई बस स्टेण्ड की कमी खल रहीं है, लेकिन प्रशासनिक उदासिनता के चलते आज तक नगर को स्थाई बस स्टेण्ड की सोगात नहीं मिल पाई है। कई बार एक स्थान से दुसरे स्थान का चयन कर प्रशासन ने प्रस्ताव शासन को भेजा लेकिन उस पर अमल नहीं हो पाया है। चुनावी दोर में बड़े बड़े वादें करके जितने वाले नगर परिषद अध्यक्ष भी बस स्टेण्ड को लेकर मोन साधे बैठे है। उनके द्वारा भी आज तक बस स्टेण्ड को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया। जिससे शायद हीं इस नगर को स्थाई बस स्टेण्ड की सोगात मिल सकें। बताया जाता है कि शासन द्वारा स्थाई बस स्टेण्ड के लिए राशि भी मंजुर कर दी गई है, लेकिन स्थान चयन के अभाव में उस राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है। बता दे कि पूर्व में प्रशासन के द्वारा नगर की मलिन बस्ती की और बस स्टेण्ड बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था लेकिन नगर से 2 किमी दुर होने से वहां बस स्टेण्ड नहीं बनाया गया। अब प्रशासन स्थान चयन को लेकर मुश्किल में है कि कोन सा स्थान बस स्टेण्ड के लिए उपयुक्त रहेगा।

अस्थाई बस स्टेण्ड पर नहीं है कोई सुविधा - नगर में वर्षो से एक हीं स्थान पर अस्थाई बस स्टेण्ड बनाया गया है, जहां पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। न तो परिषद द्वारा वहां पानी की व्यवस्था की गई है और ना हीं शोच के लिए शौचालय बनाया गया है। जिसके चलते महिला यात्रीयो को खुले में जाना पड़ता है। इस संबंध में नागरिकों द्वारा तत्कालिन एसडीएम हर्षल पंचोली से अस्थाई सार्वजनिक शौचालय बनाने का आग्रह किया था  जिस पर एसडीएम ने मौके पर आकर उचित कार्रवाहीं का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है। नगर परिषद की उदासिनता के चलते महिलाओं एवं अन्य यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। साथ हीं नगर परिषद द्वारा स्वच्छ भारत अभियान की भी खुलेआम धज्जीया उडाई जा रहीं है, क्योंकि एक और तो सरकार हर नगर, गांव, फलिया खुले में शौच मुक्त करना चाहती है तो दुसरी और नगर में हीं इस तरह की अव्यस्था देखने को मिल रहीं है।
हमेशा रहता है, हादसों का भय- बता दे कि इसी अस्थाई बस स्टेण्ड से स्टेट हाईवें गुजरता है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। तथा अस्थाई बस स्टेण्ड पर जगह के अभाव में बस चालक अपनी मर्जी अनुसार मार्ग के किनारें हीं बसें खड़ी कर देते है, जिससे हमेशा हासदों का अंदेशा बना रहता है। साथ हीं कई बार इस चैराहें पर छोटेे बडे हादसों में लोग घायल हुए है व मौत के मुह में समा गयें है, उसके बावजुद इस बस स्टेण्ड की सुध किसी भी प्रकार से नहीं ली गई है। नगर के श्रंद्धाजंली चोैक पर स्थित अस्थाई बस स्टेण्ड पर कई खामियां है, लेकिन प्रशासन ने इस और ध्यान देना उचित नहीं समझा।

जल्द हो बस स्टेण्ड का निर्माण - नगर के नागरिकों की मांग है कि जल्द हीं प्रशासन द्वारा बस स्टेण्ड के लिए उचित स्थान का चयन कर बस स्टेण्ड का निर्माण करना चाहिए ताकि नगर को बस स्टेण्ड की सोगात मिले और यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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