भोपाल। राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों पर विशेष बल दिया है। श्री टंडन ने विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों और शिक्षक-छात्र कल्याण के प्रयासों की निरंतर मानीटरिंग करने के निर्देश दिये हैं। इसी तारतम्य में 30 सितम्बर को राजभवन में राज्य-स्तरीय समन्वय समिति की 97वीं बैठक आयोजित की जा रही है। इसमें सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालय के कुलपति और उच्च शिक्षा व्यवस्था से सम्बद्ध विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहेंगे। श्री लालजी टंडन ने कहा है कि बैठक में उच्च शिक्षा में सुधार कार्यों को प्रभावी रूप देने के लिए रोड मैप बनाने पर विचार होगा। शिक्षक-छात्र कल्याण और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को उत्कृष्ट स्तर प्रदान करने की कार्य-योजना पर भी चिंतन होगा। यह बैठक विभिन्न विश्वविद्यालयों के उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों के पारस्परिक आदान-प्रदान का मंच बनेगी। राज्यपाल ने राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक का विस्तृत एजेंडा तैयार कराया है। अन्य राज्यों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधार कार्यों की जानकारी एकत्रित करा कर उसे एजेंडा की कार्य-सूची में शामिल कराया है। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा और राज्यपाल के सचिव ने विगत दिनों इस संबंध में बिहार राज्य का दौरा कर वहाँ उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधार कार्यों की जानकारी प्राप्त की है। बैठक में प्रवेश नियमों के मार्गदर्शी सिद्धांतों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सुविधाएँ उपलब्ध कराने, स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध, उद्यानिकी, पत्रोपाधि पाठ्यक्रम के लिये शैक्षणिक कैलेण्डर और अकादमिक कैलेण्डर आदि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। बैठक में प्रत्येक विश्वविद्यालय अपने छात्रों और प्राध्यापकों की उपस्थिति तथा नैक और मूल्यांकन पर एन.आई.आर.एफ. रैकिंग में सुधार की कार्य-योजना की जानकारी देंगे। ऑनलाइन डिजर्टेशन और थीसिस जमा करने के प्रावधानों का परीक्षण होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग 2018 के नियमों और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को क्रेडिट प्रदान करने के विषय पर विचार-विमर्श होगा। यू.जी.सी. रेगुलेशन 2016 क्रेडिट फ्रेम वर्क ऑनलाइन लर्निंग कोर्सेस पर भी चर्चा होगी।

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