भोपाल। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि केन्द्रीय अनुसूचित जाति आयोग योजनाओं के क्रियान्वयन की राज्यवार समीक्षा रिपोर्ट के साथ ही अपने अध्ययन के आधार पर ऐसी योजनाएँ भी बनाकर केन्द्र सरकार को दें, जो इन वर्गों का सर्वांगीण विकास प्रभावी ढंग से कर सकें और व्यवहारिक भी हों। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में केन्द्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम सख्ती से लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वचन-पत्र के अनुसार राज्य सरकार अनुसूचित वर्ग की जनसंख्या के आधार पर बजट निर्धारित करने और राशि वास्तविक रूप से खर्च हो, इसके लिए शीघ्र कानून बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आयोग अपने मैदानी अनुभव के साथ जो योजनाएँ बनाएगा, वह अधिक प्रभावी होंगी। श्री नाथ ने कहा कि योजनाओं की समीक्षा करने के साथ यह भी देखें कि जो योजनाएँ चल रही हैं, उनके क्रियान्वयन में क्या खामियाँ हैं। श्री नाथ ने कहा कि आयोग इसका परीक्षण कर केंद्र सरकार को उचित सुझाव भी दें ताकि क्रियान्वयन के स्तर पर प्रभावी व्यवस्था बनाई जा सके। आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कथेरिया ने अनुसूचित जाति वर्ग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव दिए। उन्होंने स्टार्टअप योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर एल. मुरूगन, सदस्य श्री के.आर. रामलू, डॉ. योगेन्द्र पासवान, सुश्री स्वराज विद्वान और आयोग के सदस्य सचिव श्री प्रीतम सिंह उपस्थित थे। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती एवं प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति श्री विनोद कुमार उपस्थित थे।

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