भोपाल। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि बाढ़ की विभीषिका से जिन लोगों की फसलें नष्ट हुई हैं, मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं और उन्हें कई तरह के नुकसान हुए हैं, ऐसे लोगों को राहत देने के लिए अधिकारी मिशन के रूप में काम करें। सिर्फ कागजी कार्रवाई न करें। श्री कमल नाथ आज मंदसौर जिले के ग्राम कायमपुर में अधिकारियों की बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान और दी गई राहत की समीक्षा कर रहे थे।  मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भारी वर्षा के नुकसान का सही आकलन करें। कोई भी पात्र न छूटे, यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए जो समय-सीमा निर्धारित की गई है, उसका सख्ती से पालन किया जाए। किसानों को आगामी रबी फसल के लिए समय पर बीज मिले। बीज की उपलब्धता तथा वितरण सुनिश्चित करें।  मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि अधिकारियों के काम का आकलन जनता द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर होगा। राहत और मुआवजा वितरण का मिशन सफल रहा, इसका प्रमाण-पत्र जनता से मिलना चाहिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि अधिकारियों को राहत और मुआवजा देने के कार्य में कोई भी दिक्कत महसूस हो, तो वे तत्काल मुख्यमंत्री सचिवालय को सूचित करें। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूँ कि बाढ़ प्रभावितों को यह महसूस हो, कि समय पर उन्हें पूरी मदद सरकार से मिली है। बैठक में जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक बर्णवाल, उज्जैन संभाग के आयुक्त श्री अजीत कुमार, पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री मनोज पुष्प एवं जिले तथा संभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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