अक्षय चौहान, झाबुआ। पूरे मध्यप्रदेश को लूटने का काम कोई कर रहा है तो वह कांग्रेस पार्टी है। यह मैं नही कह रहा हूॅ खुद कांग्रेस के मंत्री कह रहे है। कमलनाथ सरकार ने पूरे प्रदेश को बर्बाद और तबाह करने का काम किया है। मध्यप्रदेश मे कर्जमाफी का वादा करके सत्ता में आयी कांग्रेस ने आज तक किसानों का कर्जमाफ नहीं किया है। राहुल गांधी ने 10 दिनों में किसानों कर्ज माफ करने का वादा किया था, परंतु 9 माह बीतने के बाद भी कर्ज माफ नहीं हुआ। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराजसिंह चौहान ने बुधवार को झाबुआ के कृषि उपंज मंडी में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने 11 सितंबर को घंटानाद आंदोलन को सफल बनाने की अपील की, शिवराजसिंह चौहान ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री कमलनाथ से जवाब मागंते हुए कहा कि प्रदेश की जनता को जो सपने दिखाए थे, क्या वो पूरे हो गए? कुंभकरणीय नींद सोने वाली सरकार प्रदेश की जनता से किए वादे कैसे पूरे कर सकती है। कांग्रेस ने कहा था कि बिजली बिल माफ करेंगे, लेकिन बिल माफ नहीं हुए। पहले बिजली से करंट लगता था, अब बिजली के बिल झटके मार रहे हैं। इस सरकार ने किसानों को, गरीबों को लूट लिया। कांग्रेस ने नौजवानों को 4 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की बात कही थी लेकिन आज तक पता नहीं चल पा रहा है। गरीबों के अंतिम संस्कार के लिए दिए जाने वाले 5 हजार रुपए भी खा गए। प्रसव के समय गरीब बहनों को दिए जाने वाले 16 हजार रुपए खा गए। गरीबों को बीमारी के इलाज के लिए पैसे नहीं मिलते। प्रदेश सरकार ने हमारी सभी लोककल्याणकारी योजनाएं बंद करके गरीबों के साथ छल किया है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ रही है। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश की खेती तबाह कर दी। प्रदेश में 41 प्रतिशत  किसान क्रेडिट घट गई है। किसान का कर्जा माफ नहीं हुआ,वह डिफाल्टर हो गया। ऐसे किसानों को अब बैंक से कर्जा भी नहीं मिलेगा। कांग्रेस की सरकार किसानों को धोखा दे रही है, ठग रही है। कांग्रेस का यह नाटक ज्यादा दिन नहीं चलेगा। न मध्यप्रदेश का किसान इसे सहन करेगा और न ही भारतीय जनता पार्टी सहन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार सोयाबीन पर 500 रू. क्विंटल खा गई। मक्के का 500 रूपए खा गयी। धान का बोनस नहीं दिया। गेहूं 2100 रुपए क्विंटल खरीदना था,लेकिन 160 रुपए बोनस भी नहीं दे रही हैं। कई किसान चने और धान के पेमेंट के लिए तरस रहे हैं। किसान तबाही और बर्बादी के कगार पर खड़ा है। कई किसानों ने शिकायत की कि सरकार ने ओले-पाले का मुआवजा नहीं दिया। कमलनाथ ने एक धेला भी नहीं दिया है। मुख्यमंत्री को कभी किसी ने नहीं देखा, किसानों के खेतों में उनके हाल जानने तक नहीं उतरे।चौहान ने कहा कि कांग्रेस की सरकार गांवों में ढोल बजाकर पैसा वसूल रही है। यह आदिवासियों का अपमान है। बिजली आती कम है, जाती ज्यादा है। सबके बिजली के बडे-बडे बिल आ रहे है। जब-जब बिजली जायेगी, मामा याद आयेगा। कांग्रेस हमेशा आदिवासियों का अपमान करती है। कांग्रेस ने इतने तबादले कर दिए कि स्कूल के स्कूल खाली हो गए। पैसे ले लेकर तबादले हो रहे है। सभी के रेट तय हो गए है। पैसा देकर अधिकारी आयेगा तो वह कैसे काम करेगा। कमलनाथ सरकार ने छात्रों को मिलने वाले लेपटाप के पैसे अभी तक नहीं दिए। स्मार्ट फोन नहीं मिल रहे है। हमने हर आदिवासी छात्रों के खाते में पैसे डाले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ बदला हमसे लेना है तो ले लो, बच्चों से क्या बदला ले रहे हो। गरीबों को मिलने वाले इलाज के पैसे बंद कर दिए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गरीबों के हक की लडाई सड़कों पर लडेंगी। झाबुआ में जब भी कोई कांग्रेस नेता आए तो उसको घेर लो और जब तक परेशानियां दूर नहीं करे तब तक बाहर मत जाने दो। झाबुआ के नागरिक कांग्रेस को सबक जरूर सिखायेंगे।विधानसभा चुनाव में कांग्रेस यहां से हार गयी तो अकल ठिकाने लग जायेगी।
घंटानाद से जगायेंगे सरकार को - राकेश सिंह
प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की दमनकारी नीतियों को उखाड फेंकने और झाबुआ सहित प्रदेश की जनता के हित की लड़ाई के लिए के लिए 11 फरवरी को पूरे प्रदेश में घंटानाद करने का निर्णय लिया है। महिला, युवा, किसान सहित सभी वर्ग
के लोग कलेक्टर घेराव कर प्रदेश की कमलनाथ सरकार को कुंभकरणी नींद से जगायेगे। झाबुआ की जनता ने पहले विधायक और बाद में सांसद भाजपा को चुना परन्तु धोखे से बनी कांग्रेस सरकार ने मात्र 9 माह में भष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किये है, जो देश में देखने को नही मिलती, राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को चुनौती देते हुए कहा कि प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने 15 वर्षों में 1 लाख 50 हजार कि.मी.सडक बनाई, लेकिन कांग्रेस ने 9 माह मे 9 किलोमीटर सडक तक क्यों नही बना पायी ? कांग्रेस ने विनाश किया है, उससे विकास की उम्मीद नही कर सकते।राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग तीन मुख्यमंत्री है, जो तीन तरह की बातें करते है। एक घोषित मुख्यमंत्री कमलनाथ जो कहतें है मेरा आदेश चलेगा,परदे के पीछे से दिग्विजय सिंह मंत्रियों को चिठठी लिखते है और तीसरे मुख्यमंत्री ज्योतित्यराजे सिंधिया ग्वालियर से कहते है कि प्रदेश में अवैध रेत खनन बंद नही हुई तो आंदोलन करने के लिए सड़कां पर उतरूगां, क्या ऐसी सरकार जनता का भला कर सकती है ? सरकार के 3 मुख्यमंत्री 3 अलग अलग दिशा में काम कर रहे है। इन सबका एक ही उद्देश्य है, किसी भी तरह भ्रष्टाचार का कीर्तिमान स्थापित कर प्रदेश को बर्बाद करना है।
बंदरबाट में लगी है,धोखे से बनी सरकार - नरेन्द्र सिंह तोमर
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश में धोखे से कांग्रेस सरकार बन गयी है। तभी से प्रदेश की जनता बिजली, सड़क और पानी तक के लिए मोहताज हो गयी है। प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार बढाने और प्रदेश को बर्बाद के साथ ही बंदरबाट में लगी है। लोककल्याणकारी सभी योजनाएं ठप्प पडी है।झाबुआ की जनता से कांग्रेस सरकार की समाप्ति की शुरूआत होगी।शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री रहते प्रधानमंत्री आवास योजना में 13 लाख गरीबों को आवास दिए जाने का लक्ष्य था जिसे 5 लाख गरीबों को उपलब्ध कराया गया था। केन्द्र सरकार बचे गरीबों को 8 लाख 50 हजार मकान देना चाहती है परन्तु प्रदेश सरकार जनता को आवास देना नही चाहती। झाबुआ सहित प्रदेश में आवास हो या ग्रामीण सड़क किसी में भी राज्य सरकार ध्यान नही दे रही है।तोमर ने कहा कि देश में पहली बार किसानों के मान सम्मान और उनके माली हालत को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना नरेन्द्र मोदी ने लागू की। एक करोड मध्यप्रदेश के किसानों को इसका लाभ मिलता, परंतु प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद किसानों का नाम केन्द्र को नही भेजा,जिसके कारण किसानों को 6000 का लाभ नहीं मिल सका। नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना लागू करके किसानों को मान धन देने की योजना बनायी है,किसान को 60 वर्ष के बाद प्रतिमाह 3000 रूपए का लाभ मिलेगा। जब-जब राज्य और केन्द्र सरकारों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तब तब गरीबो का काम किया, वही कांग्रेस ने देश और प्रदेश को बर्बाद करने का काम किया। 2003 के पूर्व दिग्विजय सिंह ने प्रदेश को बंटाढार प्रदेश बनाया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाया। प्रदेश में भष्टाचार बढ़ गया है। लूट, खसोट वाली सरकार को विदा करने के लिए झाबुआ की जनता उपचुनाव में भाजपा को विजयी बनाए, केन्द्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते ने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने 9 माह के कार्यकाल के दौरान एक भी वादे पूरे नहीं किए, यह कांग्रेस सरकार का दुर्भाग्य है। शिवराजसिंह चौहान ने 2 लाख 65 हजार आदिवासियों को वनभूमि के पट्टे वितरित किए थे,जिसे कमलनाथ सरकार ने वापस ले लिए,यह दुर्भाग्यपूर्ण है।आदिवासी के बच्चों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पायी है। छात्रावास बंद होने की कगार पर पहुंच गए है। बिजली, सड़क,पानी और स्वास्थ्य के लिए भी प्रदेश की जनता तरस रही है। झाबुआ की जनता ने पहले बेटे को फिर बाद में पिता को हराया। अब कांग्रेस की झूठी सरकार को उखाड़ फेंकने की शुरूआत झाबुआ से होगी।इस अवसर पर प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती, सांसद जीएस डामोर,सांसद छत्तर सिंह दरबार, सांसद गजेन्द्र पटेल, विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व मंत्री अंतर सिंह आर्य, रंजना बघेल, निर्मला भूरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, दिलीप पटोदिया, शांतिलाल बिलवाल, कलसिंह भांवर, कालूसिंह ठाकुर, माधोसिंह डाबर, किशोर शाह, दौलत भावसार सहित जिला पदाधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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