नरेन्द्र पँवार, दसाई। कई समस्याओ के साथ आज भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रतिदिन मरीजो की संख्या बढती जा रही है मगर सुधिवा के अभाव मे दसाई सहित आसपास के हजारो लोगो को अपना इलाज कराने के लिये दसाई से दूर जिला मुख्यालय धार या सरदारपुर की दौड लगाना पडती है। ऐसे मे कई बार मरीजो को अपनी जिंदगी से हाथ भी धोना पडता है लेकिन आज तक किसी का ध्यान दसाई के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की ओर नही जा रहा है।  दसाई के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आसपास क्षेत्र के कई गाॅव के साथ-साथ छोटे मजरे निर्भर है जिसके चलते प्रतिदिन स्वास्थ्य केन्द्र के अलावा निजि डाॅक्टरो के पास  काफी भीड रहती है। वर्तमान मे दसाई  के स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रतिदिन ओपीडी मे 120 से अधिक मरीजो की संख्या दर्ज हो रही है। लेकिन यहाॅ समस्यो का अम्बार  वर्तमान मे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लगा हूआ है । जिसके कारण सामान्य उपचार होने के बाद अन्य जांच के लिये दसाई के बाहर ही जाना पडता है परिणाम समय पर उपचार नही हो पाता है,साथ ही लोगो का पैसा भी लग रहा है जबकि कहने को दसाई सरदापुर तहसील का सबसे बडाॅ गाॅव है। वही यहाॅ की आबादी भी 12 हजार से अधिक होने के साथ-साथ आसपास का क्षेत्र भी काफी बडा होने से 50 हजार के आसपास आबादी है ।ऐसे मे यहाॅ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सारी सुविधायें होना चाहिये ताकि मरीजो को समय पर  उपचार मिल सके
सुविधाओं का अभाव - प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर एक्सरे मशीन का अभाव लम्बे समय से बना हुआ है लेकिन किसी का भी ध्यान नही जाने के कारण लोगो को एक्सरे कराने के लिये धार, राजगढ या सरदारपुर ही जाना पडता है। ऐसे मे कई बार बिना एक्सरे के ही मरीजो का इलाज डाॅक्टरो को करना पडता है। स्वास्थ्य केन्द्र पर लम्बे समय से महिला डाॅक्टर का अभाव बना हुआ है जिसके कारण नर्स पर ही अतिरिक्त भार पडता है। कई बार महिला डाॅक्टर के अभाव मे महिलाओ को अपना इलाज कराने के लिये परेशानन होना पडता है मजबूरी मे अन्य जगह जाकर अपना इलाज कराती है ऐसे मे कई बार महिलाओ के लिये बडी परेशानी हो जाती  है, साथ ही यहाॅ पर स्टाफ नर्स भी नही है।  यहाॅ पर ड्रेसर का अभाव काफी लम्बे समय से बना हुआ है लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नही हो पा रहा है।
समय पर नहीं मिलती दवाएं - शासन ने औषधी वितरण केन्द्र बना तो दिया है पर यहाॅ भी कई समस्याये बनी हुई है दवाईयो का अभाव तो हमेशा बना रहता है जिसके कारण मरीेजो को बाजार से दवाईया खरीदना पडती है। कई बार सर्दी खासी जैसी बिमारी की दवाई भी नही मिलती है।  वर्तमान मे यहाॅ औषधी वितरण केन्द्र पर औषधी को वितरण करने वाला भी नही है  ऐसे मे यह योजना कितना मरीजो को लाभ दे रही है। यह तो मरीज ही बता सकता है। लेब टेक्निशीयन का भी अभाव है। वर्तमान मे जब यहाॅ डाॅक्टर की बेहतर सेवा के कारण मरीजो की संख्या प्रतिदिन बढ रही है तो लेब टेक्निशियन का पूरे समय दसाई मे होना आवश्यक है वर्तमान मे लेब टेक्निशियन 4 दिन ही अपनी सेवा देता है शेष दिनो मे वह अन्य जगह सेवा देने जाता है। जिसके कारण कई बार मरीज परेषान हो जाते है।  वही यहां पर जननी सेवा का वाहन नही होने पर मरीजो को दसाई से अन्य जगह जाने के लिये निजि साधनो का उपयोग करना पडता है जिससे मरीजो को अतिरिक्त भार पड जाता है कई बार समय पर वाहन भी नही मिलते है। दसाई के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दसाई के अलावा घटोदा, बामनखेडी दन्तोली, कपास्थल, चौटिया बालोद, पदमपुरा, चौटिया, चिराखान, खिलेडी, पाना, भरावदा, सोन्याखेडी, लेडगाॅव,बालोदा, सहित कई गाॅव है जिनका दसाई प्रतिदिन इलाज के लिये आना-जाना लगा रहता है।

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