रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्त्तीसगढ़ में सरकार बनते ही राज्य में सभी को न्याय दिलाने का प्रयास किया गया। छत्तीसगढ़ में जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जनजातियों को 32 प्रतिशत और अनुसूचित जातियों को 13 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। अनुसूचित जातियों को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा था, लेकिन उनकी जनसंख्या 13 प्रतिशत है, राज्य सरकार ने अनुसूचित जातियों का आरक्षण बढ़ाकर 13 प्रतिशत किया। इसी तरह अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा था, जिसे श्री बी.पी. मंडल की अनुशंसा के अनुसार बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया है। सामान्य वर्ग के गरीबों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। छत्तीसगढ़ में आरक्षण 82 प्रतिशत है। श्री बघेल आज बिहार की राजधानी पटना के एस.के. मेमोरियल हॉल में आयोजित सामाजिक न्याय सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए आवाज उठाने में बिहार की धरती अग्रणी रही है। जब-जब देश को आवश्यकता हुई है, तब-तब बिहार ने संघर्ष का नेतृत्व किया है। श्री बघेल ने बिहारवासियों से आव्हान किया कि वे अपने मुद्दे तय करें और न्याय के लिए संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपने फैसलों, नीतियों और कार्यक्रमों के जरिए हर वर्ग की क्रय शक्ति को बढ़ाने का काम किया है। इसलिए एक ओर पूरे देश में आर्थिक मंदी का माहौल है। केवल छत्तीसगढ़ में आर्थिक मंदी का असर नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को मंदी से निकालने के लिए किसानों के दस हजार करोड़ कर्ज की माफी की गयी और धान की कीमत 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीदी की। इससे 20 हजार करोड़ रूपए किसानों के खातों में आया। छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है जहां किसानों को सबसे ज्यादा 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल धान की कीमत मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 32 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति निवास करती है तथा 44 प्रतिशत क्षेत्र में वनों से आच्छादित है। जनजातीय परिवारों को तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए 4000 रूपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक मिल रहा है। राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ में आदिवासी किसानों से उद्योगों के लिए अधिग्रहित की गयी भूमि उद्योग नहीं लगने के कारण वापस की गयी। लगभग 1700 किसानों को 4200 एकड़ जमीन वापस की गयी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक लाख शिक्षाकर्मियों को शिक्षक बनाया गया। पंद्रह हजार शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। छत्तीसगढ़ में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या 16 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत हो गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ बने 19 साल हो गये लेकिन छत्तीसगढ़ के त्यौहारों पर छुट्टी पहल बार दी गयी। हरेली, तीजा और पूर्वांचल के प्रमुख त्यौहार छठ पूजा पर अवकाश घोषित किया गया है।

Post a Comment

 
Top