विराज प्रजापति, सारंगी। चारमाह तक किए जाने वाले मनसा महादेव व्रत रविवार को श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी  से प्रारंभ हुआ। मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए शिवालयों में अल सुबह से ही व्रतधारियों का व्रत संकल्प लेना शुरू हो गया। सूत के महादेव बनाए और पूजा अर्चना की। इसके बाद कथा सुनी। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। शाम को भजन कीर्तन हुए। पंडित राधेश्याम जी जोशी ने बताया कि श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तक चार माह तक प्रति सोमवार को व्रतधारियों द्वारा उत्साह से व्रत के साथ पूजा-अर्चना भजन कीर्तन किया जाएगा। कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को व्रत का उद्यापन किया जाएगा। मान्यता है कि व्रत के करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है। व्रत पूर्ण होने पर आटे गुड़ के लड्डू का प्रसाद तैयार कर उसके चार भाग किए जाते हैं। जिसमें एक भाग भगवान को भोग लगाया जाता है। एक भाग ब्राह्मण एक गाय को खिलाया जाता है। चौथे भाग का व्रतधारी अपने घर के सदस्यों में प्रसाद वितरित करता है।
महादेव का फूलों से शृंगार -
ओकारेश्वर महादेव मंदिर सारंगी में महादेव को फूलों से विशेष शृंगार धराया गया। मनसा वाचा महादेव की कथा सुनाई गई तथा ओम नम: शिवाय का जाप किया गया। मंदिर समिति के मदन गिरी गोस्वामी ने बताया कि प्रति सोमवार मंदिर में सुबह 5 बजे से कथा सुनाई जाएगी।

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