सरदारपुर। ग्राम लेड़गांव के मजरे दौलतपुरा में तालाब बने को करीब 12 साल का समय बीत चुका है। लेकिन इस तालाब के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान अपनी रोजी-रोटी छोड़कर मुआवजे की राशि के लिए दर-दर भटक रहे हैं। तालाब में करीब 40 से ज्यादा किसानों ने अपनी निजी सिंचित अथवा असिंचित भूमि तालाब में देने के 12 साल बीत जाने के बाद भी मुआवजे की राशि किसानों को नहीं मिल पाई है। किसान मनोहर पाटीदार, विष्णु राम पाटीदार, कैलाश शिवनारायण पाटीदार, गोविंद मिस्त्री व अन्य किसानों ने बताया कि जब 2008 में दौलतपुरा तालाब का निर्माण करीब 500 बीघा जमीन में किया गया था। इसमें 40 से ज्यादा किसानों की जमीन डूब गई थी। तब नाममात्र की मुआवजा राशि दी गई थी तो हमने 2008 में ही उचित मुआवजा राशि के लिए न्यायालय में केस दायर किया थ।  वहीं न्यायालय ने 14 -10- 2016 को न्यायालय द्वारा किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया था व सिंचाई विभाग को सिंचित भूमि के 1050000 प्रति हेक्टर देने को आदेशित किया था। परंतु सिंचाई विभाग द्वारा हाई कोर्ट में अपील का केस लगाया था। वहीं हाईकोर्ट ने भी दिनांक 10-5-18 को कुछ किसानों के केस खारिज कर शीघ्र भुगतान के लिए निर्देशित किया था। किसानों ने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन व जनसुनवाई में कलेक्टर महोदय श्रीकांत बनोठ को कई बार आवेदन दिए हैं।

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