राजगढ़। सकल पंच गवली समाज राजगढ़ में प्रति वर्ष भुजरिया के पर्व को लेकर विशेष उत्साह रहता है। तथा इस वर्ष भी  नाग पंचमी के दिन से समाज की माताएं बहने एवं बालिकाएं प्रत्येक घर से पूजा का सामान व टोकरी लेकर गली मोहल्ले से 84 चौक पर इकट्ठा होती है। यहां से ढोल के साथ प्रमुख मार्ग से ज्वारे के गीत गाती हुई चलती है एंव नगर से दूर खेतो से भारतवर्ष की पवित्र मातृभूमि से मिट्टी लाकर समाज के प्रत्येक घरों में जवारें स्थापित करती हैं। 11 दिवसीय यह पर्व चलता है महिलाएं। बालिकाएं प्रतिदिन जवारे को सुबह शाम पूजा-अर्चना करती है एवं घर के अंदर झूला बांधकर झूला झूलाती हैं एवं गीत गाकर पूजा-अर्चना करती हैं। ऐसा माना जाता है कि बालिकाएं अगर 11 दिन सच्चे मन से पूजा अर्चना करें तो उनके भाईयो की उन्नति होती है एंव कुंवारी लड़कियों को अच्छा वर मिलता है साथ ही समाज के वरिष्ठ एंव युवा भी भुजरिया पर्व को लेकर तैयारी में लग जाते हैं। रक्षाबंधन के अगले दिन भुजरिया पर्व पर शोभा यात्रा प्रमुख मार्ग से निकलेगी। इसके लिए समाज के द्वारा बैठक कर के समाज के वरिष्ट द्वारा युवाओ को जवाबदारी दी है। समाज के अध्यक्ष केशव यादव ने बताया की यात्रा में आकर्षक  का केंद्र राधाकृष्णा की सु सज्जित झांकी जिसमे कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे  एंव ढोल नगारे बैंड ज्वारों की भव्य झांकी। युवाओ द्वारा ढोल की ताल पर डांडिया किया जावेगा। नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए। माही तट पर समापन होगा। जिसके बाद भुजरिया विसर्जन किया जएगा। 

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