नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पार्टी सांसदों से कहा कि भाजपा अपनी विचाराधारा और सोच के कारण यहां तक पहुंची है न कि एक परिवार की विरासत के कारण, ऐसे में उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं से निरंतर सम्पर्क में रहना चाहिए और सांसद एवं मंत्री बनाने में उनके योगदान को नहीं भूलना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात भाजपा के लोकसभा और राज्‍यसभा सांसदों की दो दिवसीय सांसद कार्यशाला 'अभ्‍यास वर्ग' के पहले दिन कही। संसद के दोनों सदनों के पार्टी के 380 सांसदों को संबोधित करते हुए मोदी ने पार्टी एवं कार्यकर्ताओं की तुलना मां से की जो अपने बच्चे का पोषण करती है लेकिन जब वह खुद पर ज्यादा ध्यान देने लगता है तब वो (मां) उपेक्षित महसूस करती है। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से पार्टी और कार्यकर्ताओं को नहीं भूलने और उन्हें तवज्जों देने को कहा। मोदी ने पार्टी सांसदों से कहा कि वे कार्यकर्ताओं से अपना संपर्क बनाये रखें। प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसद सिर्फ चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि पूरे कार्यकाल के दौरान कार्यकर्ताओं की बात सुनें। वे संसद की कार्यवाही में सक्रिय हिस्सेदारी करें। उन्होंने पार्टी सांसदों को कड़ी मेहनत करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी विचाराधारा और सोच के कारण यहां तक पहुंची है न कि एक परिवार की विरासत के कारण। इस दौरान मोदी ने कहा कि इन बातों को कागज पर नहीं दिल में उतारें।

पीएम मोदी ने भाजपा सांसदों से कहा-पार्टी कार्यकर्ता मां की तरह, उनकी उपेक्षा नहीं होनी चाहिए
अमित शाह ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी के सांसदों की दो दिवसीय कार्यशाला में आये सभी सांसद सदस्यों के साथ संवाद किया। भाजपा की सांसद कार्यशाला में सांसदों खास कर नये सांसदों को पार्टी की विचारधारा से लेकर संगठन के गुर सिखाने की परिकल्पना की गयी है। पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी सांसद मौजूद रहे।सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम के दूसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समापन भाषण देंगे ।इस कार्यक्रम में कुल नौ सत्र होंगे। अभ्यास वर्ग में बताया जा रहा है कि संसद के भीतर और बाहर सांसदों का आचरण कैसा होना चाहिए। साथ ही जनता से जुड़ने के उपाय भी बताये जा रहे हैं। सांसदों को यह भी बताया जा रहा है कि जनता के बीच रहकर उनके काम करते हुए पार्टी की विचारधारा को कैसे बढ़ाया जाये। इस पर भी चर्चा होगी कि जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को संसद में कैसे रखना चाहिए । सांसदों के बीच समूह परिचर्चा का सत्र भी रखा गया है। समूह परिचर्चा के निहितार्थ की रिपोर्ट बनाकर इसे संबंधित मंत्रालय को भेजा जायेगा। अभ्यास वर्ग में सांसदों की मौजूदगी अनिवार्य की गयी है। पार्टी के संसदीय कार्यालय की ओर से सभी सांसदों को तीन और चार अगस्त को दिल्ली में ही रहने को कहा गया है। गौरतलब है कि इस बार भाजपा के करीब सवा सौ सांसद ऐसे हैं जो पहली बार जीतकर संसद पहुंचे हैं । पार्टी महासचिव भपेन्द्र यादव ने संसदीय प्रक्रिया के बारे में बताया जबकि अमित मालवीय ने सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग पर चर्चा की ।

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