बामनिया। स्थानीय महाशय धर्मपाल (एमडीएच) दयानन्द आर्य विद्या निकेतन, की छात्राओं ने अपने हाथों से राखी बनाकर सैनिको के लिए सरहद पर भेजी। राखी के साथ साथ हर छात्रा ने एक चिठ्ठी भेजी। किसी ने लिखा ‘‘ आप हमारे गर्व हो, इस त्यौहार पर अपनी बहनों से दूर हो, हमें ही अपनी बहन मानकर इस राखी को अपनी कलाई पर बांध लेना‘‘। किसी ने लिखा ‘‘आप हो तो हम ये त्यौहार मना पाते हैं। आपके त्याग को नमन हैं। ऐसे ही कई सारी मार्मिक बाते चिठ्ठीयो में लिखकर भेजी।
स्कूल की कई सारी छात्राओं ने बडे़ उत्साह के साथ राखियाँ बनाई गयी। प्राचार्य प्रवीण अत्रे ने बताया की देश की रक्षा करने वाले सैनिक राखी जैसे त्यौहार पर अपने परिवार से दूर रहते हैं और हम भी उनके परिवार का हिस्सा हैं अतः उनकी सूनी कलाईयों को सजाने और त्यौहार में उनके साथ सहभागी होने के लिए संस्था के द्वारा यह प्रयास गत 2 वर्षो से किया जा रहा हैं। इसके माध्यम से बच्चों में देश भक्ति, त्याग एवं ‘‘वसुधेव कुटुम्बकम्‘‘ की भावना विकसित होती हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में एक्टिविटी इंचार्ज श्रीमती कविता त्रिपाठी, आयुषी जैन एवं समस्त स्टाफ का सहयोग रहा।

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