सरदारपुर। दस्तक अभियान को लेकर मैदानी अमला तो सक्रियता के साथ जुटा हुआ है। घर-घर दस्तक देकर कुपोषित बच्चो भी ढुंढ निकाले है। लेकिन इन कुपोषितो को समय पर उपचार नही मिल पा रहा है। एनआरसी सरदारपुर केंद्र पर वैसे  तो 20 बैड है लेकिन फिर भी 20 से अधिक बच्चो को उपचार के लिये भर्ती किया जाता रहा है। कई बार आला अधिकारीयो को केंद्र पर बच्चो को भर्ती करने के लिये पंलगो की संख्या बढाने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नही हो पा रही है। दस्तक अभियान के तहत अभी तक सरदारपुर तहसील मे महिला बाल विकास एवं स्वास्थ विभाग के द्वारा 136 बच्चे कुपोषित चिन्हीत किये गये थे। जिनमे से 68 बच्चो को ही केंद्र पर भर्ती कर उनका उपचार किया गया। इसमे से 64 बच्चो की रक्त भी चढाया गया।
एनआरसी केंद्र पर तो जगह का कोई अभाव नही है। लेकिन पलंग नही होने से बच्चे कम मात्रा मे ही भर्ती किये जा रहे है। जिसके चलते कई बच्चे अभी भी केंद्र तक उपचार के लिये नही पहुंच पाये है। केंद्र पर वैसे तो 20 पलंग ही है लेकिन जगह इतनी है की 10 पलंग और आसानी से लगाकर बच्चो को भर्ती किया जा सके ताकी इन्हे समय पर समुचित उपचार मिल सके।
वही एनआरसी केंद्र पर सबसे बडी समस्या बारिश के दौरान जल रिसाव की है। भवन दो हिस्सो मे बना है। जिसका ज्वाईट निर्माण के दौरान सही नही होने से दोनो भवनो के बीच मे से पानी रिसकर अंदर जाता है। कई बार केंद्र पर कर्मचारियो एंव भर्ती बच्चो के परिजनो को पानी साफ करते हुए देखा जा सकता है। अगर पानी साफ नही करे तो निचे लगी वैटरीफाईट टाइल्स पर फिसलकर दुर्घटना का भी अंदेशा रहता है।
वैसे दस्तक मे अभी तक को 136 बच्चे ही चिन्हीत किये गये है। जैसे-जैसे अभियान समाप्ती की और जायेगा वैसे-वैसे कुपोषितो का आकड़ा भी बढने की संभावना है। वैसे बरमंडल सेक्टर मे ही 26 कुपोषित बच्चे पाये गये लेकिन उपचार एक को ही मिला है। बाकी 25 बच्चे अभी भी उपचार की बांट जोह रहे है।
ये बोले जवाबदार - 
केंद्र पर 10 और बैड के लिये जिला औषधी केंद्र को पत्र लिख दिया गया है। लेकिन वहा पर अभी बैड नही है। बोला की भोपाल से आने पर आपको उपलब्ध करवाये जायेगे। -
 शिला मुजाल्दा सीबीएमओ सरदारपुर

मामला आपके द्वारा संज्ञान मे लाया गया है। मामले को दिखवता हूँ, यदि जगह है तो बैड की व्यवस्था करवाई  जायेगी। सभी कुपोषित बच्चो को उपचार मिलेगा। - श्रीकांत बनोठ कलेक्टर धार 

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