सरदारपुर। सोमवार को धार निवासी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के साथ सरदारपुर- भोपावर मार्ग पर हुई लाखो की लूट की घटना पूरी तरह फर्जी निकली है। कर्मचारी द्वारा बनावटी घटनाक्रम बनाकर मीडिया एवं पुलिस को झूठी जानकारी दी थी। मामले का खुलासा करते हुए सरदारपुर एसडीओपी ऐश्वर्य शास्त्री द्वारा जानकारी प्रदान की गई।
एसडीओपी शास्त्री ने बताया की 1 जूलाई को फाइनेंस कंपनी श्रेय इक्युमेंट कंपनी के कर्मचारी संदीप पिता महेंद्र ठाकुर निवासी तीसगांव जिला धार द्वारा अपने साथ रिंगनोद भोपावर रोड़ पर लूट की वारदात होने की सूचना थाना सरदारपुर पर दी गई थी। घटना संदिग्ध प्रतीत होने पर सरदारपुर पुलिस ने  कर्मचारी द्वारा जिन व्यक्तियों से कर्ज की राशि एकत्र करने का उल्लेख किया गया था। उनको  बुलाकर पुछताछ करने पर ग्राम भीलखेड़ी के भवरसिंह द्वारा कोई रकम घटना दिनांक को कर्मचारी संदीप को नही देना बताया। इसी तरह ऋणी बनेसिंह पिता छतरसिंह पुछताछ करने पर बनेसिंह के पिता छतरसिंह द्वारा घटना दिनांक के एक दिन पुर्व ही ऋण की राशि कर्मचारी संदीप को दे देना बताया था। कर्मचारी संदीप द्वारा घटना क दिनांक के 2-3 दिन पुर्व वसुली गई रकम भी कंपनी के नियम के मुताबिक वसुली के दिन ही बैंक में जमा नही कराई गई व उक्त रकम भी घटना दिनांक को धार से अपने साथ लेकर वसुली करने निकलना बताया था। उक्त सभी बाते व घटनाक्रम संदिग्ध होकर विश्वसनीय नही होने से व जिन लोगों से फरियादी ने वसुली की जाना बताया था उनसे आमना-सामना कराने पर व उनके द्वारा घटनाक्रम का समर्थन नही करने पर अततः फरियादी कर्मचारी संदीप द्वारा बताया कि उसने जो राशि लूटी जाना बताया है। वह राशि उसने अपने निजी कामों में उपयोग करली थी व परिजनों से इतनी रकम मांगने की हिम्मत नही होने व अगर रकम कंपनी में जमा नही कराता तो कंपनी द्वारा की जाने वाली कानूनी कार्रवाई के डर से उनके द्वारा बनावटी घटनाक्रम बनाकर रिर्पोट की थी। 

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