सरदारपुर। माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार श्री राम कुमार चौबे के निर्देशन में तहसील न्यायालय सरदारपुर में 13 जुलाई को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। जिसमें राजीनामा योग्य सिविल, आपराधिक चेक बाउंस विद्युत चोरी, पारिवारिक विवाद संबंधी प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा। विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम अरविंद कुमार जैन के द्वारा बताया गया कि उक्त लोक अदालत में विद्युत चोरी लंबित एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में शासन के निर्देशानुसार छूट दी जायेगी। उन्होने बताया कि म.प्र. शासन उर्जा विभाग के पत्र में दिये गए निर्देशो के परिपेक्ष्य में विद्युत कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि 13 जुलाई शनिवार को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में निराकरण किये जाने के लिए विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 व 138 के न्यायालयों में लंबित प्रकरण एवं जो न्यायालय में दर्ज नहीं हो सके हैं, ऐसे प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा धारा 126 के अंतर्गत बनाये गये प्रकरण जिनमें उपभेक्ता द्वारा अपीलीय कमेटी  के समक्ष आपत्ति, अपील प्रस्तुत नहीं की गई है कि प्रीलिटीगेशन माध्यम से निराकरण के लिए निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलु उपभोक्ता, समस्त कृषि उपभेक्ता, 5 किलो वाट भार तक के गैर घरेलु उपभोक्ता एवं 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट दी जायेगी। इन सभी उपभेक्ताओं को दो स्तर पर छूट प्रदान की जायेगी पहला प्रारंभिक स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 40 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारित आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात लगने वाले ब्याज की राशि में सौ प्रतिशत की छूट दी जायेगी। दूसरा जिनमें मामले न्यायालय में चल रहे हैं कंपनी द्वारा आंकलित दायित्व की राशि पर 25 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथी से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि में से सौ प्रतिशत की छूट दी जायेगी। यह छूट मात्र नेशनल लोक अदालत 13 जुलाई में समझोता करने के लिए ही लागू रहेगी। अपराध समन फीस अधिनियम के प्रावधान अनुसार वसूल की जायेगी। अतः जन सामान्य से अपील है कि वह अपने प्रकरणों का निराकरण कर लोक अदालत में मिलने वाली छूट का लाभ प्राप्त करें।

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