भोपाल। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने निराशाजनक और शब्दों का मकड़जाल बताया है। मध्यप्रदेश का 2677 करोड़ रुपए का हिस्सा कम कर दिया है। इस बजट से महंगाई बढ़ेगी। इसमें पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि करते हुए सरकार ने 2022-24 तक सबको घर-बिजली सहित फिर कई सपने दिखाए गए हैं। किसानों की आय बढ़ाने और कर्ज से मुक्ति के लिए कोई राहत नहीं दी गई। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आम बजट पर ट्वीट और बयान में यह प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट से युवा, किसान और मध्यम वर्ग निराश हुआ है। किसानों के दुख-दर्द को दूर करने के उपाय, बेरोजागारी दूर करने और युवाओं के सपनों को साकार करने का बजट में कोई उल्लेख नहीं है। अनुसूचित वर्गों के विकास की बात नजर नहीं आ रही। बजट से महंगाई बढ़ेगी फिर बेरोजगारी, महंगाई व गरीबी के साथ नए भारत की बातों पर अमल नहीं हो सकेगा। इसका रोडमैप बजट में नहीं दिखाई दिया। कमलनाथ ने कहा कि आम बजट से यह बात साफ हो गई है कि कुछ महीने पहले पेश किए गए आंतरिक बजट में राज्यों का जो हिस्सा मिलना था उसे कम कर दिया गया है। बजट में केंद्र सरकार के खराब आर्थिक प्रबंधन की झलक दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आर्थिक वृद्धि दर के गलत आकंड़े सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि बजट के पहले यह उम्मीद थी कि पेयजल के लिए नया मेगा प्लान लाया जाएगा। इससे जल समस्या दूर होगी। मगर वित्त मंत्री के बजट भाषण में इसका कोई उल्लेख तक नहीं आया। स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को भी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।

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