भोपाल। सुप्रीम कोर्ट द्वारा धार की भाजपा विधायक नीना वर्मा के 2013 से 2018 तक के कार्यकाल को शून्य घोषित कर दिया गया है। नीना वर्मा ने 2013 में निर्वाचन प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन पत्र भरा था, उसमें कुछ बिंदू निरंक छोड़ दिए थे। इस पर धार के वरिष्ठ अभिभाषक सुरेशचंद्र भंडारी ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें 20 नवंबर 2017 को हाईकोर्ट इंदौर ने आदेश पारित करते हुए नीना वर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट में वर्मा ने अपील की थी। इस अपील का गुरुवार को निर्णय आ गया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट इंदौर के फै सले को यथावत रखा है। हालांकि वर्तमान कार्यकाल पर कोई असर नही होगा। यह जानकारी वरिष्ठ अभिभाषक सुरेशचंद्र भंडारी ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में याचिका हाई कोर्ट इंदौर में लगाई थी। इस पर 2017 में यह फै सला आया था कि नीना वर्मा का निर्वाचन शून्य होकर निरस्त कि या जाता है। इस फैसले पर अमल होने के पूर्व ही विधायक नीना वर्मा द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सिविल अपील प्रस्तुत की गई थी। इस पर लंबी प्रक्रिया के बाद में 2 जुलाई को अंतिम सुनवाई की गई और उसके बाद में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कि या है। भंडारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हाई कोर्ट द्वारा जो नीना वर्मा का निर्वाचन शून्य घोषित कि या था, वह यथावत रहेगा।

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